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Una News: क्षेत्रीय अस्पताल से प्रसूता महिलाओं को निजी एंबुलेंस में जाना पड़ रहा घर
Tue, 17 Feb 2026 05:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 17 Feb 2026 05:52 AM IST
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108 व 102 कर्मीओं की हड़ताल के चलते विभाग की रोगी वाहन सेवाएं देते हुए।संवाद
ऊना। स्थान : क्षेत्रीय अस्पताल। समय : सुबह 11:45 बजे। क्षेत्रीय अस्पताल में रविवार के अवकाश के बाद काफी भीड़ देखने को मिल रही है। अस्पताल की पार्किंग वाहनों से भरी पड़ी है।
मुख्य द्वार से लोगों का आना-जाना जारी है। धरातल तल पर स्थित मेडिसिन ओपीडी के बाहर काफी भीड़ जमा है। उपचार के लिए लोग जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अस्पताल में पहुंचे हैं। एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग में तैनात चालक ही 108 एंबुलेंस का संचालन कर रहे हैं।
इसी दौरान अस्पताल के मुख्य द्वार पर एक 108 एंबुलेंस मरीज को लेकर पहुंचती है। एंबुलेंस के चालक से बात करने पर पता चलता है कि वह स्वास्थ्य विभाग में चालक के तौर पर तैनात है।
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ऐसे में एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आपातकाल में एंबुलेंस चला रहे हैं ताकि मरीजाें को दिक्कताें का सामना न करना पड़े। इसी दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षा जवान मरीज को स्ट्रैचर पर लेटाकर आपातकाल वार्ड में ले जाते हैं।
दूसरी तरफ मातृ-शिशु अस्पताल के भवन में चल रही गायनी ओपीडी के बाहर भी भारी संख्या में महिलाएं उपचार के लिए पहुंची हैं। ओपीडी के बाहर तैनात महिला सुरक्षा कर्मियों को भी मरीजों की संख्या अधिक होने पर व्यवस्था बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भवन में चल रहे जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण के लिए खोले गए केंद्र के बाहर भी लोग अपने बच्चों के दस्तावेज के लिए पहुंच रहे हैं। इस दौरान एक प्रसूता महिला अपने परिजनों के साथ अस्पताल के मुख्य गेट से बाहर आती है। इस दौरान 102 एंबुलेंस की सुविधा न होने से प्रसूता महिला के परिजनों को निजी एंबुलेंस करके ही अपने घर जाना पड़ा।
यह समस्या बीते तीन दिनों से जारी है। अस्पताल परिसर की पार्किंग में 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते खड़ी हैं। ऐसे में आम जन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मुख्य द्वार से लोगों का आना-जाना जारी है। धरातल तल पर स्थित मेडिसिन ओपीडी के बाहर काफी भीड़ जमा है। उपचार के लिए लोग जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अस्पताल में पहुंचे हैं। एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग में तैनात चालक ही 108 एंबुलेंस का संचालन कर रहे हैं।
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इसी दौरान अस्पताल के मुख्य द्वार पर एक 108 एंबुलेंस मरीज को लेकर पहुंचती है। एंबुलेंस के चालक से बात करने पर पता चलता है कि वह स्वास्थ्य विभाग में चालक के तौर पर तैनात है।
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ऐसे में एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आपातकाल में एंबुलेंस चला रहे हैं ताकि मरीजाें को दिक्कताें का सामना न करना पड़े। इसी दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षा जवान मरीज को स्ट्रैचर पर लेटाकर आपातकाल वार्ड में ले जाते हैं।
दूसरी तरफ मातृ-शिशु अस्पताल के भवन में चल रही गायनी ओपीडी के बाहर भी भारी संख्या में महिलाएं उपचार के लिए पहुंची हैं। ओपीडी के बाहर तैनात महिला सुरक्षा कर्मियों को भी मरीजों की संख्या अधिक होने पर व्यवस्था बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भवन में चल रहे जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण के लिए खोले गए केंद्र के बाहर भी लोग अपने बच्चों के दस्तावेज के लिए पहुंच रहे हैं। इस दौरान एक प्रसूता महिला अपने परिजनों के साथ अस्पताल के मुख्य गेट से बाहर आती है। इस दौरान 102 एंबुलेंस की सुविधा न होने से प्रसूता महिला के परिजनों को निजी एंबुलेंस करके ही अपने घर जाना पड़ा।
यह समस्या बीते तीन दिनों से जारी है। अस्पताल परिसर की पार्किंग में 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते खड़ी हैं। ऐसे में आम जन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।