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ऊना अस्पताल में गर्भवती महिलाएं फर्श पर बैठने के लिए मजबूर
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गायनी वार्ड के बाहर फर्श पर बैठे मरीज।
- फोटो : Una
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में व्यवस्थाएं राम भरोसे हैं। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से शुरू की गई मैनुअल टोकन व्यवस्था शुरू करने का भी कोई लाभ नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि अस्पताल में मरीजों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है। मरीजों को फर्श पर बैठकर चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ रहा है।
जिले के सबसे बड़े अस्पताल में अव्यवस्था के चलते मरीजों को दुविधा हो रही है। सुबह अस्पताल खुलते ही गायनी ओपीडी के बाहर महिलाओं के जुटना शुरू हो जाती हैं। अस्पताल में जनरल और गायनी ओपीडी में सबसे अधिक मरीजों की संख्या रहती है। क्षेत्रीय अस्पताल में दो स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। दोनों ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। अस्पताल प्रबंधन ने कुछ दिन पहले कोविड नियमों की अनुपालना के लिए मैनुअल पर्ची व्यवस्था शुरू की है। इसके बावजूद ओपीडी के बाहर जुटने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में अस्पताल प्रबंधन नाकाम साबित हो रहा है। अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ गायनी ओपीडी के बाहर रहती है।
गायनी ओपीडी के बाहर मरीजों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं हैं। इससे महिलाओं को मजबूरी में जमीन पर बैठकर बारी का इंतजार करना पड़ता है। बता दें कि गायनी ओपीडी में चेकअप के लिए जिले से महिलाएं आती हैं। यहां बैठने तक की उचित व्यवस्था न होने पर उन्हें परेशान होना पड़ता है। इस संबंध में एमएस डॉ. निर्दोष भारद्वाज ने बताया कि मामला ध्यान में है। इस पर जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिले के सबसे बड़े अस्पताल में अव्यवस्था के चलते मरीजों को दुविधा हो रही है। सुबह अस्पताल खुलते ही गायनी ओपीडी के बाहर महिलाओं के जुटना शुरू हो जाती हैं। अस्पताल में जनरल और गायनी ओपीडी में सबसे अधिक मरीजों की संख्या रहती है। क्षेत्रीय अस्पताल में दो स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। दोनों ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। अस्पताल प्रबंधन ने कुछ दिन पहले कोविड नियमों की अनुपालना के लिए मैनुअल पर्ची व्यवस्था शुरू की है। इसके बावजूद ओपीडी के बाहर जुटने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में अस्पताल प्रबंधन नाकाम साबित हो रहा है। अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ गायनी ओपीडी के बाहर रहती है।
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गायनी ओपीडी के बाहर मरीजों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं हैं। इससे महिलाओं को मजबूरी में जमीन पर बैठकर बारी का इंतजार करना पड़ता है। बता दें कि गायनी ओपीडी में चेकअप के लिए जिले से महिलाएं आती हैं। यहां बैठने तक की उचित व्यवस्था न होने पर उन्हें परेशान होना पड़ता है। इस संबंध में एमएस डॉ. निर्दोष भारद्वाज ने बताया कि मामला ध्यान में है। इस पर जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
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