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बारिश के चलते आलू की फसल पर मंडराया खतरा
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ऊना के लालसिंगी में दुकान व घर में घुसा बारिश का पानी
- फोटो : Una
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ऊना। वीरवार सुबह जिले में तेज बारिश से मौसम ठंडा हो गया। बारिश से आलू की फसल को भी नुकसान हुआ है। मौसम के बदले रुख ने आलू की फसल बीज चुके किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा मक्की फसल को बारिश से कोई नुकसान की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी बारिश का पूर्वानुमान है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
जिले में आलू की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। जिले के अंब, हरोली, गगरेट सहित कई क्षेत्रों में किसान आलू की बिजाई कर चुके हैं। अब तेज बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो गया है। इसके अलावा आलू की फसल के लिए बनाए क्यारों को भी नुकसान पहुंचा है। आलू की बिजाई कर चुके किसान फसल के बर्बाद होने की चिंता जता रहे हैं। आलू की फसल की बिजाई के बाद से ही क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इसका दुष्प्रभाव आलू की फसल पर नजर आ रहा है। जिले में करीब 2076 हेक्टेयर भूमि पर आलू की खेती जाती है। जिले में हर साल करीब 50 हजार मीट्रिक टन आलू का उत्पादन किया जाता है।
जिले में परंपरागत खेती के अलावा अधिकतर किसान आलू की खेती करते हैं। दूसरी तरफ मक्की की फसल को बारिश से कोई नुकसान नहीं होगा। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि खेतों में बारिश का पानी न खड़ा होने दें। इससे आगे चलकर फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इस संबंध में उपनिदेशक कृषि विभाग डॉ. अतुल डोगरा ने बताया कि तेज बारिश से आलू की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका अधिक रहती है। हालांकि हल्की बारिश से फसल को कोई नुकसान नहीं है।
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जिले में आलू की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। जिले के अंब, हरोली, गगरेट सहित कई क्षेत्रों में किसान आलू की बिजाई कर चुके हैं। अब तेज बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो गया है। इसके अलावा आलू की फसल के लिए बनाए क्यारों को भी नुकसान पहुंचा है। आलू की बिजाई कर चुके किसान फसल के बर्बाद होने की चिंता जता रहे हैं। आलू की फसल की बिजाई के बाद से ही क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इसका दुष्प्रभाव आलू की फसल पर नजर आ रहा है। जिले में करीब 2076 हेक्टेयर भूमि पर आलू की खेती जाती है। जिले में हर साल करीब 50 हजार मीट्रिक टन आलू का उत्पादन किया जाता है।
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जिले में परंपरागत खेती के अलावा अधिकतर किसान आलू की खेती करते हैं। दूसरी तरफ मक्की की फसल को बारिश से कोई नुकसान नहीं होगा। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि खेतों में बारिश का पानी न खड़ा होने दें। इससे आगे चलकर फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इस संबंध में उपनिदेशक कृषि विभाग डॉ. अतुल डोगरा ने बताया कि तेज बारिश से आलू की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका अधिक रहती है। हालांकि हल्की बारिश से फसल को कोई नुकसान नहीं है।

ऊना में बारिश के बाद आलू के खेतों में खड़ा बारिश का पानी। -सोहन चौधरी- फोटो : Una

ऊना में बारिश के बाद आलू के खेतों में खड़ा बारिश का पानी ...सोहन चौधरी- फोटो : Una
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