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Una News: आलू की फसल अच्छे तरीके से हुई अंकुरित, किसानों में खुशी
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दो माह की फसल की तरह चार माह वाली फसल को भी अच्छे दाम मिलने की उम्मीद
बीते दिनों बारिश और मौसम की अनुकूल स्थिति से फसल को मिला लाभ
किसान अब फसल की गुड़ाई व खाद के छिड़काव की कर रहे तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में आलू की चार माह वाली फसल खेतों में अच्छे तरीके से अंकुरित होने पर किसानों ने राहत की सांस ली है। फसल की बिजाई के बाद करीब दो माह तक बारिश न होने पर किसानों में डर था कि फसल अच्छे से अंकुरित नहीं हो पाएगी। बीते कुछ दिन से अच्छी बारिश और मौसम की अनुकूल परिस्थिति में आलू की फसल अच्छे तरीके से तैयार हो रही है।
जिले में 1000 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर आलू की फसल तैयार की जाती है। यह फसल चार माह में गेहूं की फसल के समानांतर तैयार होती है। इसलिए केवल अधिक जमीन वाले किसान ही इसे तैयार करते हैं। फसल का बीज 2500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिका। खाद व मजदूरी मिलाकर किसानों को फसल की बिजाई में ही अच्छा खासा खर्च उठाना पड़ा। समय-समय पर कीटनाशकों का छिड़काव भी फसल पर करना पड़ता है। कुल मिलाकर एक बड़ा किसान लाखों रुपये फसल को तैयार करने में खर्च करता है। दिसंबर के अंतिम दिनों और उसके बाद जनवरी माह में बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली।
बॉक्स
संवेदनशील फसल पर किसान रखते है नजर
किसान देसराज, परमिंदर सैनी, योगराज, महीमल सिंह, विनोद कुमार ने बताया कि आलू की फसल अच्छे तरीके से तैयार हो रही है। मौसम और कीड़े व बीमारी की मार से अभी फसल का बचाव है। यह फसल बेहद संवेदनशील मानी जाती है। अगर कोई कीड़ा या बीमारी का प्रकोप इसपर पड़े तो चंद दिनों में फसल तबाह हो जाती है। इसलिए प्रतिदिन इसपर बारीकी से नजर रखनी पड़ती है।
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आलू की फसल तैयार करने में ऊना के किसान माहिर हैं। बीते कई वर्षों से यहां आलू का उत्पादन भारी मात्रा में होता आया है। इससे कई किसानों का आर्थिक जीवन सुधरा है। अभी तक यह फसल बहुत अच्छे से तैयार हो रही है। हमारी ओर से भी किसानों का मार्गदर्शन किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में हमारी टीमें सक्रियता से कार्य कर रही हैं।
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।
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बीते दिनों बारिश और मौसम की अनुकूल स्थिति से फसल को मिला लाभ
किसान अब फसल की गुड़ाई व खाद के छिड़काव की कर रहे तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में आलू की चार माह वाली फसल खेतों में अच्छे तरीके से अंकुरित होने पर किसानों ने राहत की सांस ली है। फसल की बिजाई के बाद करीब दो माह तक बारिश न होने पर किसानों में डर था कि फसल अच्छे से अंकुरित नहीं हो पाएगी। बीते कुछ दिन से अच्छी बारिश और मौसम की अनुकूल परिस्थिति में आलू की फसल अच्छे तरीके से तैयार हो रही है।
जिले में 1000 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर आलू की फसल तैयार की जाती है। यह फसल चार माह में गेहूं की फसल के समानांतर तैयार होती है। इसलिए केवल अधिक जमीन वाले किसान ही इसे तैयार करते हैं। फसल का बीज 2500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिका। खाद व मजदूरी मिलाकर किसानों को फसल की बिजाई में ही अच्छा खासा खर्च उठाना पड़ा। समय-समय पर कीटनाशकों का छिड़काव भी फसल पर करना पड़ता है। कुल मिलाकर एक बड़ा किसान लाखों रुपये फसल को तैयार करने में खर्च करता है। दिसंबर के अंतिम दिनों और उसके बाद जनवरी माह में बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली।
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संवेदनशील फसल पर किसान रखते है नजर
किसान देसराज, परमिंदर सैनी, योगराज, महीमल सिंह, विनोद कुमार ने बताया कि आलू की फसल अच्छे तरीके से तैयार हो रही है। मौसम और कीड़े व बीमारी की मार से अभी फसल का बचाव है। यह फसल बेहद संवेदनशील मानी जाती है। अगर कोई कीड़ा या बीमारी का प्रकोप इसपर पड़े तो चंद दिनों में फसल तबाह हो जाती है। इसलिए प्रतिदिन इसपर बारीकी से नजर रखनी पड़ती है।
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आलू की फसल तैयार करने में ऊना के किसान माहिर हैं। बीते कई वर्षों से यहां आलू का उत्पादन भारी मात्रा में होता आया है। इससे कई किसानों का आर्थिक जीवन सुधरा है। अभी तक यह फसल बहुत अच्छे से तैयार हो रही है। हमारी ओर से भी किसानों का मार्गदर्शन किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में हमारी टीमें सक्रियता से कार्य कर रही हैं।
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।