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Una News: अंबोटा को तीन पंचायतों में विभाजित करने पर फूटा लोगों का गुस्सा
Tue, 03 Mar 2026 06:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 03 Mar 2026 06:53 AM IST
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गगरेट (ऊना)। पंचायती राज विभाग द्वारा विकास खंड गगरेट की ग्राम पंचायत अंबोटा को तीन भागों में विभाजित कर चतेहर व शिवबाड़ी पंचायत को अस्तित्व में लाने की अधिसूचना जारी करते ही अंबोटा के लोगों में आक्रोश फूटने लगा है। गांव वासियों ने इसे गांव की आपसी एकता व सौहार्द को खंडित करने की सोची समझी चाल करार देते हुए इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है। अंबोटा गांव के ठाकुर हरदीप सिंह, नितिन ठाकुर नंबरदार, प्रिंस ठाकुर, पंकज ठाकुर, अमित सूद, मुनीश ठाकुर सहित कई लोगों ने कहा कि चंद लोगों ने अपने राजनीतिक हित साधने के लिए ऐसी कुटिल चाल चली है कि ऐतिहासिक गांव अंबोटा के अस्तित्व पर ही खतरा पैदा हो गया। उन्होंने कहा कि अगर अंबोटा गांव की तीन पंचायतें बनानी भी थीं तो इसके लिए गांव में रायशुमारी करवानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अंबोटा गांव में महज एक ही मुहाल रखा गया जबकि बाकी सारे गांव को चतेहर-शिवबाड़ी में डाल दिया गया।
गांव की ऐतिहासिक धरोहर द्रोण महादेव शिव मंदिर भी अंबोटा गांव से अलग कर दिया गया। यही नहीं नई पंचायत बनने के बाद अंबोटा गांव में श्मशानघाट भी नहीं रहेगा।
यहां तक कि डॉ. बीआर आंबेडकर बहुतकनीकी संस्थान अंबोटा भी अंबोटा से छिन जाएगा और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी अंबोटा के हिस्से नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अंबोटा ग्राम पंचायत जिले की इसलिए भी शान थी कि यह जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत थी।
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इसी ग्राम पंचायत में अथाह विकास करवाकर इससे पहले रहे प्रधानों ने जिला क्या प्रदेश स्तर पर भी इसका नाम चमकाया। उन्होंने कहा कि जब भी अंबोटा गांव के बंटवारे की बात चलेगी तो इसके सूत्रधार रहे लोगों को भी याद किया जाएगा।
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गांव की ऐतिहासिक धरोहर द्रोण महादेव शिव मंदिर भी अंबोटा गांव से अलग कर दिया गया। यही नहीं नई पंचायत बनने के बाद अंबोटा गांव में श्मशानघाट भी नहीं रहेगा।
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यहां तक कि डॉ. बीआर आंबेडकर बहुतकनीकी संस्थान अंबोटा भी अंबोटा से छिन जाएगा और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी अंबोटा के हिस्से नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अंबोटा ग्राम पंचायत जिले की इसलिए भी शान थी कि यह जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत थी।
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इसी ग्राम पंचायत में अथाह विकास करवाकर इससे पहले रहे प्रधानों ने जिला क्या प्रदेश स्तर पर भी इसका नाम चमकाया। उन्होंने कहा कि जब भी अंबोटा गांव के बंटवारे की बात चलेगी तो इसके सूत्रधार रहे लोगों को भी याद किया जाएगा।