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पंचायत चुनाव की तपिश ने कुंद की सर्द बयार
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मुबारिकपर (ऊना)। पंचायतीराज चुुनाव को लेकर सर्द फिजाओं के बीच अब सियासी रण फिर से गर्माने वाला है। कोरोना महामारी के कारण सिमट चुकी राजनीतिक, सामाजिक गतिविधियां और कड़ाके की ठंड के बीच घरों में दुबके लोग प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव का बिगुल बजते ही फिर गांव और कस्बों के गली मोहल्लों में चहलकदमी के लिए निकल आए हैं।
पंचायत घर पर अपना दबदबा बनाने की हसरत पालने वालों ने अपनी सियासी जमीन की जड़ें तलाशनी शुरू कर दी हैं। पंचायत चुनावों के लिए रोस्टर जारी होते ही तलबगारों ने लोगों ने मिलना मिलाना और वोटों की जोड़तोड़ का सिलसिला शुरू कर दिया है। इस बार ऊना जिले के विकास खंड अंब और विकास खंड गगरेट में जारी रोस्टर ने कई पंचायतों में प्रधानी के तलबगारों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। ऐसे में वोटों की जोड़-तोड़ और उम्मीदवारों के चयन के लिए उठापटक तेज हो गई है। माइनस के नजदीक पहुंच चुके जिले के तापमान के बीच सियासी तपिश बढ़ने लगी है। सभी सियासी दलों ने समर्थित उम्मीदवारों के लिए वोटरों से मिलने-मिलाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। बेशक जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर आने वाले दिनों में ठंड और धुंध का प्रकोप बढ़ने के आसार जताए हैं। इसके बावजूद गली-कूचों में सियासी महफिलें सजने लगी हैं। घरों में दस्तक देकर प्रधानी के तलबगारों ने अपनी बात रखकर अपने पक्ष में वोटरों की नब्ज टटोलने का सिलसिला भी तेज कर दिया है।
गगरेट में 40 में से 12 पंचायतें अनारक्षित
विकास खंड गगरेट की कुल 40 पंचायतों में से इस बार 12 पंचायतें ऐसी हैं, जो अनारक्षित है। जबकि बाकी 28 पंचायतें आरक्षित हैं। 11 पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए हैं, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए तीन पंचायतें आरक्षित हुई हैं, वहीं 6 पंचायतों में अनुसूचित जाति की महिला को प्रधान पद आरक्षित किया गया है। अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए पांच, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पांच पंचायतें आरक्षित हुई हैं।
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अंब में 16 पंचायतें अनारक्षित
विकास खंड अंब की कुल 53 पंचायतों में से 16 पंचायतें अनारक्षित हैं, जबकि 15 पंचायतों के प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। चार पंचायतें अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं, जबकि सात प्रधान पद अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। 6 पंचायतों के प्रधान पद अनुसूचित जाति, जबकि चार प्रधान पद अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
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पंचायत घर पर अपना दबदबा बनाने की हसरत पालने वालों ने अपनी सियासी जमीन की जड़ें तलाशनी शुरू कर दी हैं। पंचायत चुनावों के लिए रोस्टर जारी होते ही तलबगारों ने लोगों ने मिलना मिलाना और वोटों की जोड़तोड़ का सिलसिला शुरू कर दिया है। इस बार ऊना जिले के विकास खंड अंब और विकास खंड गगरेट में जारी रोस्टर ने कई पंचायतों में प्रधानी के तलबगारों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। ऐसे में वोटों की जोड़-तोड़ और उम्मीदवारों के चयन के लिए उठापटक तेज हो गई है। माइनस के नजदीक पहुंच चुके जिले के तापमान के बीच सियासी तपिश बढ़ने लगी है। सभी सियासी दलों ने समर्थित उम्मीदवारों के लिए वोटरों से मिलने-मिलाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। बेशक जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर आने वाले दिनों में ठंड और धुंध का प्रकोप बढ़ने के आसार जताए हैं। इसके बावजूद गली-कूचों में सियासी महफिलें सजने लगी हैं। घरों में दस्तक देकर प्रधानी के तलबगारों ने अपनी बात रखकर अपने पक्ष में वोटरों की नब्ज टटोलने का सिलसिला भी तेज कर दिया है।
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गगरेट में 40 में से 12 पंचायतें अनारक्षित
विकास खंड गगरेट की कुल 40 पंचायतों में से इस बार 12 पंचायतें ऐसी हैं, जो अनारक्षित है। जबकि बाकी 28 पंचायतें आरक्षित हैं। 11 पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए हैं, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए तीन पंचायतें आरक्षित हुई हैं, वहीं 6 पंचायतों में अनुसूचित जाति की महिला को प्रधान पद आरक्षित किया गया है। अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए पांच, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पांच पंचायतें आरक्षित हुई हैं।
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अंब में 16 पंचायतें अनारक्षित
विकास खंड अंब की कुल 53 पंचायतों में से 16 पंचायतें अनारक्षित हैं, जबकि 15 पंचायतों के प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। चार पंचायतें अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं, जबकि सात प्रधान पद अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। 6 पंचायतों के प्रधान पद अनुसूचित जाति, जबकि चार प्रधान पद अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किए गए हैं।