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Una News: अदालत में स्वामित्व विवाद, उद्योग परिसर में आमना-सामना
Thu, 06 Aug 2026 06:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 06 Aug 2026 06:43 AM IST
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गगरेट (ऊना)। गगरेट के जीतपुर बेहड़ी औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक उद्योग को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई बुधवार को उद्योग परिसर तक पहुंच गई। पूर्व विधायक नवीन धीमान अपने समर्थकों के साथ उद्योग पहुंचे तो पहले से मौजूद दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मौके पर तनाव का माहौल बन गया। स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप कर हालात को शांत कराया।
विवाद की जड़ उद्योग के स्वामित्व को लेकर चल रहा मामला है, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच बुधवार को दोनों पक्षों का आमना-सामना होने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ समय के लिए उद्योग परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
एक पक्ष ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ उद्योग परिसर में जबरन प्रवेश कर गए। उनका कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को रोककर उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए तथा उद्योग के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया। शिकायतकर्ता पक्ष ने दावा किया कि पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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दूसरी ओर, दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह अस्वीकार करते हुए कहा कि वे किसी अन्य की संपत्ति में नहीं बल्कि अपने ही उद्योग में पहुंचे थे। उनका कहना है कि स्वामित्व विवाद का अंतिम निर्णय न्यायालय को करना है और वे न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का फैसला अदालत के आदेशों के अनुरूप ही स्वीकार किया जाएगा।
घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। उपलब्ध वीडियो, दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राकेश शर्मा ने कहा कि संबंधित उद्योग उनका है और वे अपने ही उद्योग में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि स्वामित्व विवाद न्यायालय में लंबित है। ऐसे में सभी पक्षों को न्यायालय पर भरोसा रखना चाहिए और उसके आदेशों का सम्मान करना चाहिए।
यश भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने लगभग दो वर्ष पूर्व उक्त उद्योग खरीदा था लेकिन स्वामित्व विवाद के चलते मामला न्यायालय पहुंच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष न्यायालय के यथास्थिति बनाए रखने के आदेशों के बावजूद उद्योग पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई और न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
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विवाद की जड़ उद्योग के स्वामित्व को लेकर चल रहा मामला है, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच बुधवार को दोनों पक्षों का आमना-सामना होने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ समय के लिए उद्योग परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
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एक पक्ष ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ उद्योग परिसर में जबरन प्रवेश कर गए। उनका कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को रोककर उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए तथा उद्योग के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया। शिकायतकर्ता पक्ष ने दावा किया कि पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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दूसरी ओर, दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह अस्वीकार करते हुए कहा कि वे किसी अन्य की संपत्ति में नहीं बल्कि अपने ही उद्योग में पहुंचे थे। उनका कहना है कि स्वामित्व विवाद का अंतिम निर्णय न्यायालय को करना है और वे न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का फैसला अदालत के आदेशों के अनुरूप ही स्वीकार किया जाएगा।
घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। उपलब्ध वीडियो, दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राकेश शर्मा ने कहा कि संबंधित उद्योग उनका है और वे अपने ही उद्योग में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि स्वामित्व विवाद न्यायालय में लंबित है। ऐसे में सभी पक्षों को न्यायालय पर भरोसा रखना चाहिए और उसके आदेशों का सम्मान करना चाहिए।
यश भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने लगभग दो वर्ष पूर्व उक्त उद्योग खरीदा था लेकिन स्वामित्व विवाद के चलते मामला न्यायालय पहुंच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष न्यायालय के यथास्थिति बनाए रखने के आदेशों के बावजूद उद्योग पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई और न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।