{"_id":"67c6e3e713a684151605c531","slug":"offerings-worth-rs-447-crore-made-in-maa-chintpurni-temple-within-two-months-una-news-c-93-1-ssml1048-147635-2025-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: मां चिंतपूर्णी मंदिर में दो माह के भीतर चढ़ा 4.47 करोड़ का चढ़ावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: मां चिंतपूर्णी मंदिर में दो माह के भीतर चढ़ा 4.47 करोड़ का चढ़ावा
विज्ञापन
जनवरी में 2.25 करोड़ तो फरवरी में 2.22 करोड़ की चढ़ी नकदी
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर में साल 2025 के पहले दो महीनों में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए नकद चढ़ावे के रूप में मंदिर न्यास को 4,47,52,554 रुपये की नकदी प्राप्त हुई है। यह चढ़ावा इस साल जनवरी-फरवरी दो माह का है। जनवरी महीने में श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर के दान पात्रों में 2,24,88,796 रुपये की नकदी मंदिर में चढ़ाई गई। फरवरी में भी श्रद्धालुओं ने मंदिर में दान के रूप में 2,22,63,758 रुपये की नकदी चढ़ाई। यह चढ़ावा श्रद्धालुओं की माता रानी के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा को दर्शाता है। मां चिंतपूर्णी मंदिर में माता रानी के भक्त दिल खोलकर दान करते हैं। इसमें सोना, चांदी, वस्त्र और अन्य बहुमूल्य उपहार शामिल हैं। यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थल भी है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल माता रानी के दर्शन का अवसर मिलता है, बल्कि उन्हें यहां की सुंदरता और शांति का भी अनुभव होता है। यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि यह एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थल भी है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर में साल 2025 के पहले दो महीनों में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए नकद चढ़ावे के रूप में मंदिर न्यास को 4,47,52,554 रुपये की नकदी प्राप्त हुई है। यह चढ़ावा इस साल जनवरी-फरवरी दो माह का है। जनवरी महीने में श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर के दान पात्रों में 2,24,88,796 रुपये की नकदी मंदिर में चढ़ाई गई। फरवरी में भी श्रद्धालुओं ने मंदिर में दान के रूप में 2,22,63,758 रुपये की नकदी चढ़ाई। यह चढ़ावा श्रद्धालुओं की माता रानी के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा को दर्शाता है। मां चिंतपूर्णी मंदिर में माता रानी के भक्त दिल खोलकर दान करते हैं। इसमें सोना, चांदी, वस्त्र और अन्य बहुमूल्य उपहार शामिल हैं। यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थल भी है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल माता रानी के दर्शन का अवसर मिलता है, बल्कि उन्हें यहां की सुंदरता और शांति का भी अनुभव होता है। यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि यह एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थल भी है।