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Una News: टीबी रोग को लेकर अब जिलेभर में होगा आधुनिक ट्रू नेट टेस्ट
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स्वास्थ्य विभाग ने पांचों स्वास्थ्य खंडों में शुरू की सुविधा
रोगी के शरीर में टीबी का है कितना असर, सही से लग पाएगा पता
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में ट्रू नेट टीबी टेस्ट करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी स्वास्थ्य खंडों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं । इससे अब संभावित मरीज का टेस्ट होने से आधे घंटे में ही टीबी की पुष्टि हो जाएगी। इससे मरीज का तुरंत प्रभाव से उपचार करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। अब सभी संभावित मरीजों को माइक्रोस्कोपिक और सीवी नेट टेस्ट करने के बजाय ट्रू नेट टेस्ट करने के लिए दिशा- निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी स्वास्थ्य खंडों में इससे संबंधित मशीनों को स्थापित कर दिया गया है। इससे पूर्व विभाग की तरफ से माइक्रोस्कोपिक व सीवी नेट टेस्ट किए जाते हैं। इसकी रिपोर्ट आने में 12 से 24 घंटे का समय लगता था। इसके अलावा अगर किसी के शरीर में टीबी संक्रमण की मात्रा काफी कम होने पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाती है। अब टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए ट्रू नेट टेस्ट करने के लिए विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस सुविधा से मरीजों व विभाग को भी काफी लाभ होगा। इसके साथ ही मामले की पुष्टि भी कम समय में होने के चलते मरीज का उपचार भी सही प्रकार से शुरू किया जा सकेगा।
यह है ट्रू नेट टेस्ट के लाभ
व्यक्ति के शरीर में क्षय रोग का पता लगाने के लिए ट्रू नेट टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट के तहत मरीज की दो रिपोर्टें आती हैं। इसमें आधे घंटे में टीबी की पुष्टि हो जाती है। दूसरी रिपोर्ट में यह भी साफ हो जाता है कि मरीज में संक्रमण किस स्तर का है। इससे चिकित्सक को संक्रमण के हिसाब से ही उपचार शुरू करने में मदद मिल जाती है। इससे मरीज को सही प्रकार से उपचार भी शुरू हो जाता है।
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कोट्स
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब ट्रू नेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य खंडों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। लोगाें से आग्रह है कि अगर किसी को भी दो हफ्ते से ज्यादा खांसी है, वह टेस्ट करवाने के लिए आगे जरूर आएं।
डॉ. विशाल शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी ऊना
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रोगी के शरीर में टीबी का है कितना असर, सही से लग पाएगा पता
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में ट्रू नेट टीबी टेस्ट करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी स्वास्थ्य खंडों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं । इससे अब संभावित मरीज का टेस्ट होने से आधे घंटे में ही टीबी की पुष्टि हो जाएगी। इससे मरीज का तुरंत प्रभाव से उपचार करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। अब सभी संभावित मरीजों को माइक्रोस्कोपिक और सीवी नेट टेस्ट करने के बजाय ट्रू नेट टेस्ट करने के लिए दिशा- निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी स्वास्थ्य खंडों में इससे संबंधित मशीनों को स्थापित कर दिया गया है। इससे पूर्व विभाग की तरफ से माइक्रोस्कोपिक व सीवी नेट टेस्ट किए जाते हैं। इसकी रिपोर्ट आने में 12 से 24 घंटे का समय लगता था। इसके अलावा अगर किसी के शरीर में टीबी संक्रमण की मात्रा काफी कम होने पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाती है। अब टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए ट्रू नेट टेस्ट करने के लिए विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस सुविधा से मरीजों व विभाग को भी काफी लाभ होगा। इसके साथ ही मामले की पुष्टि भी कम समय में होने के चलते मरीज का उपचार भी सही प्रकार से शुरू किया जा सकेगा।
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यह है ट्रू नेट टेस्ट के लाभ
व्यक्ति के शरीर में क्षय रोग का पता लगाने के लिए ट्रू नेट टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट के तहत मरीज की दो रिपोर्टें आती हैं। इसमें आधे घंटे में टीबी की पुष्टि हो जाती है। दूसरी रिपोर्ट में यह भी साफ हो जाता है कि मरीज में संक्रमण किस स्तर का है। इससे चिकित्सक को संक्रमण के हिसाब से ही उपचार शुरू करने में मदद मिल जाती है। इससे मरीज को सही प्रकार से उपचार भी शुरू हो जाता है।
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कोट्स
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब ट्रू नेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य खंडों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। लोगाें से आग्रह है कि अगर किसी को भी दो हफ्ते से ज्यादा खांसी है, वह टेस्ट करवाने के लिए आगे जरूर आएं।
डॉ. विशाल शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी ऊना