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घंडावल में चार करोड़ रुपये से बनेगा उत्तर भारत का पहला बैंबू विलेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय के साथ लगते घंडावल में करीब चार करोड़ रुपये से उत्तर भारत का पहला बैंबू विलेज बनेगा। परियोजना निर्माण के लिए पहली किश्त के रूप में बैंबू विलेज के लिए 1.50 करोड़ रुपये की धनराशि मिल चुकी है।
बैंबू विलेज के निर्माण के बाद इसे स्वां वुमन फेडरेशन के माध्यम से संचालित किया जाएगा। मार्केटिंग का कार्य बैंबू इंडिया करेगी। यह जानकारी बुधवार को बैंबू विलेज का शिलान्यास करते हुए ग्रामीण विकास, पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने दी।
इस अवसर पर वीरेंद्र कंवर ने कहा कि बैंबू विलेज का निर्माण केंद्र सरकार की परियोजना बैंबू मिशन के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत बांस आधारित एक फर्नीचर निर्माण इकाई, बांस का ट्रीटमेंट तथा सीजनिंग प्लांट डिपो, बैंबू नेचर पार्क, कैफे, शॉपिंग कांपलेक्स, बांस प्रशिक्षण केंद्र और बैंबू नर्सरी का निर्माण किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि परियोजना के स्थापित होने से प्रदेश के बांस उत्पादकों के उत्पाद स्थानीय स्तर पर बिकेंगे। इसके अतिरिक्त बांस की नई और उन्नत किस्मों का पौधरोपण भी करवाया जाएगा। यह भविष्य में ग्रामीण स्तर पर किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि बांस आधारित फर्नीचर इकाई तथा बैंबू सीजनिंग इकाई के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वहीं इन उत्पादों का राष्ट्रीय स्तर पर विपणन किया जाएगा। परियोजना के तहत बनने वाली प्रशिक्षण इकाई में स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे।
बैंबू विलेज को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और इससे भी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने समूरकलां प्राथमिक स्कूल में नये भवन की आधारशिला भी रखी।
इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष मनोहर लाल, मंडल अध्यक्ष मास्टर तरसेम, जिप उपाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा, चायत समिति सदस्य सतीश शर्मा, स्वां विमन फेडरेशन की ओर से आरके डोगरा, राजेश शर्मा, उपायुक्त राघव शर्मा व अन्य मौजूद रहे।
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ऊना। जिला मुख्यालय के साथ लगते घंडावल में करीब चार करोड़ रुपये से उत्तर भारत का पहला बैंबू विलेज बनेगा। परियोजना निर्माण के लिए पहली किश्त के रूप में बैंबू विलेज के लिए 1.50 करोड़ रुपये की धनराशि मिल चुकी है।
बैंबू विलेज के निर्माण के बाद इसे स्वां वुमन फेडरेशन के माध्यम से संचालित किया जाएगा। मार्केटिंग का कार्य बैंबू इंडिया करेगी। यह जानकारी बुधवार को बैंबू विलेज का शिलान्यास करते हुए ग्रामीण विकास, पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने दी।
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इस अवसर पर वीरेंद्र कंवर ने कहा कि बैंबू विलेज का निर्माण केंद्र सरकार की परियोजना बैंबू मिशन के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत बांस आधारित एक फर्नीचर निर्माण इकाई, बांस का ट्रीटमेंट तथा सीजनिंग प्लांट डिपो, बैंबू नेचर पार्क, कैफे, शॉपिंग कांपलेक्स, बांस प्रशिक्षण केंद्र और बैंबू नर्सरी का निर्माण किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि परियोजना के स्थापित होने से प्रदेश के बांस उत्पादकों के उत्पाद स्थानीय स्तर पर बिकेंगे। इसके अतिरिक्त बांस की नई और उन्नत किस्मों का पौधरोपण भी करवाया जाएगा। यह भविष्य में ग्रामीण स्तर पर किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि बांस आधारित फर्नीचर इकाई तथा बैंबू सीजनिंग इकाई के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वहीं इन उत्पादों का राष्ट्रीय स्तर पर विपणन किया जाएगा। परियोजना के तहत बनने वाली प्रशिक्षण इकाई में स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे।
बैंबू विलेज को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और इससे भी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने समूरकलां प्राथमिक स्कूल में नये भवन की आधारशिला भी रखी।
इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष मनोहर लाल, मंडल अध्यक्ष मास्टर तरसेम, जिप उपाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा, चायत समिति सदस्य सतीश शर्मा, स्वां विमन फेडरेशन की ओर से आरके डोगरा, राजेश शर्मा, उपायुक्त राघव शर्मा व अन्य मौजूद रहे।