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Una News: बकरी के दूध के लिए नहीं मिल रहे खरीदार

Tue, 31 Dec 2024 07:30 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Tue, 31 Dec 2024 07:30 AM IST
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No buyers available for goat milk
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत बनाया गया बकरी फार्म। संवाद
टाहलीवाल (ऊना)। जिले में बकरी पालन से जुड़े किसानों को बकरी के दूध के खरीदार न मिलने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बाथू के श्याम लाल ने पशुपालक सेना से सेवानिवृत्त श्याम लाल ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से इस समस्या के समाधान की मांग की है।
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श्याम लाल ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत 20 लाख रुपये का लोन लेकर उन्होंने 105 बकरियों का फार्म शुरू किया था। शुरुआती दिनों में ऊना के मिल्क प्लांट ने 500 ग्राम तक दूध खरीदने का वादा किया था। इससे पहले वे लगातार उनको पांच से 10 लीटर दूध रोजाना बेच रहे थे। लेकिन अभी ठंड के कारण दूध उत्पादन कम होने पर प्लांट ने अपना वादा तोड़ दिया।
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श्याम लाल का कहना है कि स्थानीय डेयरी संचालकों ने भी बकरी के दूध का उचित मूल्य देने से इनकार कर दिया है। इससे उनके लिए फार्म संचालन और लोन की किश्तें चुकाना कठिन हो गया है। श्याम लाल ने सरकार से मांग की हैं कि दूध की बिक्री के लिए सहकारी समितियां स्थापित की जाएं। इसके साथ ही मिल्क प्लांट को उनके वादे पूरे करने के लिए कहा जाए और लोन चुकाने में रियायत दी जाए।
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बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर नीतियां और सुविधाएं प्रदान की जाएं। श्याम लाल ने कहा कि यदि बकरी पालकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो इस व्यवसाय को जारी रखना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार से छोटे किसानों और पशुपालकों के लिए आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है।

उधर, बकरी दूध प्रोसेसिंग प्लांट के सलाहकार प्रदीप शर्मा और दूध उत्पादन सहायक भंवर सिंह ने बताया कि पहले इस क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 100 लीटर दूध एकत्रित होता था, लेकिन ठंड के कारण यह मात्रा घटकर 15 लीटर प्रतिदिन रह गई है। जिस कारण गाड़ी का खर्चा ज्यादा पड़ता है। इसलिए बकरी पालक खुद प्रोसेसिंग यूनिट में दूध छोड़कर जा सकते हैं। जैसे ही दूध की मात्रा सामान्य होगी। गाड़ी पुनः चालू कर दी जाएगी।
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