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Una News: नौ हजार किसान कर रहे एक हजार हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती
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ऊना के अंब, बंगाणा और गगरेट विकास खंड प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की ओर से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए चलाई जा रही योजनाओं के अंतर्गत अंब, बंगाणा और गगरेट के किसान प्राकृतिक खेती को तेजी से अपना रहे हैं। 2018 में शुरू हुई सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती योजना के तहत शून्य लागत पर खेती और रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग पर रोक लगाई गई है। इस पहल के तहत 11,041 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 9,195 किसान 1,153.646 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। योजना के तहत किसानों को देसी गाय, ड्रम और गोमूत्र फर्श पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है। वर्ष 2024 में 1040 साइकिल हल वितरित किए गए। गाय की खरीद पर 25 हज़ार तक की सहायता, ड्रमों पर 75 प्रतिशत अनुदान और गोमूत्र फर्श के लिए 8000 रुपये तक की सहायता दी जा रही है। डीलर्स के लिए कृषि विस्तार सेवाओं में एक वर्षीय डिप्लोमा, अब तक 6 बैच पूरे किए जा चुके हैं। किसानों के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शनी प्लॉट और फील्ड स्कूल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आत्मा परियोजना के निदेशक ऊना दविंदर कुमार बग्गा ने बताया कि परियोजना की निगरानी उप परियोजना निदेशक ऊना की ओर से की जा रही है। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे प्राकृतिक खेती से संबंधित जानकारी के लिए अपने ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर से संपर्क करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की ओर से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए चलाई जा रही योजनाओं के अंतर्गत अंब, बंगाणा और गगरेट के किसान प्राकृतिक खेती को तेजी से अपना रहे हैं। 2018 में शुरू हुई सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती योजना के तहत शून्य लागत पर खेती और रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग पर रोक लगाई गई है। इस पहल के तहत 11,041 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 9,195 किसान 1,153.646 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। योजना के तहत किसानों को देसी गाय, ड्रम और गोमूत्र फर्श पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है। वर्ष 2024 में 1040 साइकिल हल वितरित किए गए। गाय की खरीद पर 25 हज़ार तक की सहायता, ड्रमों पर 75 प्रतिशत अनुदान और गोमूत्र फर्श के लिए 8000 रुपये तक की सहायता दी जा रही है। डीलर्स के लिए कृषि विस्तार सेवाओं में एक वर्षीय डिप्लोमा, अब तक 6 बैच पूरे किए जा चुके हैं। किसानों के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शनी प्लॉट और फील्ड स्कूल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आत्मा परियोजना के निदेशक ऊना दविंदर कुमार बग्गा ने बताया कि परियोजना की निगरानी उप परियोजना निदेशक ऊना की ओर से की जा रही है। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे प्राकृतिक खेती से संबंधित जानकारी के लिए अपने ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर से संपर्क करें।