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नए श्रम कानून कामगार वर्ग के साथ धोखा : गुरनाम सिंह
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नए श्रम कानूनों के विरोध में उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सीटू जिला इकाई ऊना ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त जतिन लाल के माध्यम से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को ज्ञापन भेजा। जिला सचिव गुरनाम सिंह ने बताया कि 21 नवंबर को केंद्र सरकार ने 40 पुराने श्रम कानून खत्म कर चार नए कानून बना दिए हैं। नए कानून यूनियन बनाने और हड़ताल, धरना जैसे अधिकारों पर रोक लगाते हैं और नौकरी के स्वरूप को बदल देते हैं। अब रोजगार ठेका, आउटसोर्स, फिक्स्ड टर्म ट्रेनी के आधार पर मिलेगा और ठेकेदार 50 मजदूर रखने पर लेबर लाइसेंस नहीं लेंगे। इससे न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई आदि लागू करने की बाध्यता खत्म होगी।
सरकार ने हायर-फायर नीति लागू की है, उद्योगपति कारखाना बंद या छंटनी के लिए अनुमति नहीं लेंगे। श्रम विभाग और न्यायालय कमजोर किए गए हैं। श्रम अधिकारी निरीक्षण या समझौता वार्ता नहीं कर पाएंगे, न्यायाधीशों की जगह सेवानिवृत्त अधिकारी होंगे। सीटू राज्य कमेटी ने केंद्र से चार नए श्रम कानून वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि विरोध में बड़ा आंदोलन होगा। इस मौके पर प्रधान चंदन सिंह, कुशल कुमार, सतीश, सुक्खा सिंह और प्यारा सिंह उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सीटू जिला इकाई ऊना ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त जतिन लाल के माध्यम से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को ज्ञापन भेजा। जिला सचिव गुरनाम सिंह ने बताया कि 21 नवंबर को केंद्र सरकार ने 40 पुराने श्रम कानून खत्म कर चार नए कानून बना दिए हैं। नए कानून यूनियन बनाने और हड़ताल, धरना जैसे अधिकारों पर रोक लगाते हैं और नौकरी के स्वरूप को बदल देते हैं। अब रोजगार ठेका, आउटसोर्स, फिक्स्ड टर्म ट्रेनी के आधार पर मिलेगा और ठेकेदार 50 मजदूर रखने पर लेबर लाइसेंस नहीं लेंगे। इससे न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई आदि लागू करने की बाध्यता खत्म होगी।
सरकार ने हायर-फायर नीति लागू की है, उद्योगपति कारखाना बंद या छंटनी के लिए अनुमति नहीं लेंगे। श्रम विभाग और न्यायालय कमजोर किए गए हैं। श्रम अधिकारी निरीक्षण या समझौता वार्ता नहीं कर पाएंगे, न्यायाधीशों की जगह सेवानिवृत्त अधिकारी होंगे। सीटू राज्य कमेटी ने केंद्र से चार नए श्रम कानून वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि विरोध में बड़ा आंदोलन होगा। इस मौके पर प्रधान चंदन सिंह, कुशल कुमार, सतीश, सुक्खा सिंह और प्यारा सिंह उपस्थित रहे।
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