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Una News: नगर निगम का पौने एक करोड़ गृहकर फंसा, नए सर्वे में 300 हाउस होल्डरों को नोटिस जारी
Sat, 25 Oct 2025 06:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 25 Oct 2025 06:07 AM IST
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ऊना। नगर निगम ऊना का हाउस होल्डरों से पौने एक करोड़ के करीब गृहकर फंसा हुआ है। 300 हाउस होल्डर को निगम की ओर से हाल ही में नए सर्वे के तहत नोटिस जारी किए हैं। लंबित गृहकर की राशि जमा नहीं करवाई गई तो दूसरे नोटिस के तहत सात दिनों के बाद बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इससे पहले भी नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। बावजूद इसके कोई भी असर हाउस होल्डरों के ऊपर होता नजर नहीं आया है। वर्तमान में निगम की अधीन 5360 हाउस होल्डर पंजीकृत हैं।
नगर निगम बनने के बाद 17 वार्डों में विभिन्न प्रकार के विकास कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है जबकि नगर परिषद के दौरान 11 वार्ड स्थापित थे। जिनमें 6 नए वार्ड बनने से नगर निगम का संचालन हो रहा है। सरकार के निर्देशों के तहत नगर निगम बनने में शामिल की गई नई पंचायत से तीन साल तक किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा लेकिन यह लंबित गृहकर की यह राशि नगर परिषद के समय की है। जिसके ऊपर अब नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है।
बताया जा रहा है कि नोटिस जारी करने के दौरान वर्तमान पते पर हाउस होल्डर घर में नहीं मिलते हैं और जो मिलते भी रहे हैं, वे नोटिस प्राप्त नहीं कर रहे हैं और नगर निगम की कार्रवाई को हल्के में ले रहे हैं। नगर निगम ने अब नियमों के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई है और 30 दिनों के भीतर अगर गृहकर की लंबित राशि जमा नहीं हो पाती है तो दूसरे नोटिस के सात दिनों के बाद नगर निगम बिजली बोर्ड और जल शक्ति विभाग को ऐसे डिफाल्टर हाउस होल्डरों की लिस्ट जारी करके बिजली और पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई करेगा।
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उधर नगर निगम ऊना के आयुक्त एवं एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर का कहना है कि नए सर्वे के तहत नगर निगम ने 300 डिफाल्टर हाउस होल्डरों को नोटिस जारी कर दिया है। पौने एक करोड़ के तकरीबन गृहकर की राशि लंबित पड़ी है। तय किए गए नियमों के तहत अगर कोई हाउस होल्डर गृहकर की लंबित राशि जमा नहीं करवाता है, तो ऐसे डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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नगर निगम बनने के बाद 17 वार्डों में विभिन्न प्रकार के विकास कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है जबकि नगर परिषद के दौरान 11 वार्ड स्थापित थे। जिनमें 6 नए वार्ड बनने से नगर निगम का संचालन हो रहा है। सरकार के निर्देशों के तहत नगर निगम बनने में शामिल की गई नई पंचायत से तीन साल तक किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा लेकिन यह लंबित गृहकर की यह राशि नगर परिषद के समय की है। जिसके ऊपर अब नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है।
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बताया जा रहा है कि नोटिस जारी करने के दौरान वर्तमान पते पर हाउस होल्डर घर में नहीं मिलते हैं और जो मिलते भी रहे हैं, वे नोटिस प्राप्त नहीं कर रहे हैं और नगर निगम की कार्रवाई को हल्के में ले रहे हैं। नगर निगम ने अब नियमों के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई है और 30 दिनों के भीतर अगर गृहकर की लंबित राशि जमा नहीं हो पाती है तो दूसरे नोटिस के सात दिनों के बाद नगर निगम बिजली बोर्ड और जल शक्ति विभाग को ऐसे डिफाल्टर हाउस होल्डरों की लिस्ट जारी करके बिजली और पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई करेगा।
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उधर नगर निगम ऊना के आयुक्त एवं एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर का कहना है कि नए सर्वे के तहत नगर निगम ने 300 डिफाल्टर हाउस होल्डरों को नोटिस जारी कर दिया है। पौने एक करोड़ के तकरीबन गृहकर की राशि लंबित पड़ी है। तय किए गए नियमों के तहत अगर कोई हाउस होल्डर गृहकर की लंबित राशि जमा नहीं करवाता है, तो ऐसे डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।