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Una News: गेहूं पर एमएसपी 150 बढ़ा, 2275 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे दाम

Tue, 23 Apr 2024 02:33 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Tue, 23 Apr 2024 02:33 AM IST
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MSP on wheat increased by 150, price will be Rs 2275 per quintal
रामपुर और टकारला में गेहूं की बिक्री कर पाएंगे किसान, स्लॉट बुकिंग के आधार पर होगी खरीद
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दोनों अनाज मंडियों में गेहूं खरीद के लिए कर्मचारी और मजदूर तैनात, किसानों का इंतजार

25 अप्रैल तक मंडियों पर पहुंचेगी फलस, अभी सिंचित क्षेत्रों में शुरू नहीं हुई कटाई



विकास चौधरी



ऊना। जिले में गेहूं कटाई का सीजन शुरू है। इस फसल की खरीद के लिए एपीएमसी ने भी कमर कस ली है। जिले में गेहूं खरीद के लिए दो केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें एक जिला मुख्यालय के समीप रामपुर में और दूसरा अंब क्षेत्र के टकारला में है। दोनों अनाज मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारू तरीके से चलाने के लिए कर्मचारियों व मजदूरों को तैनात किया गया है।
हालांकि अभी फसल की बिक्री के लिए किसान मंडियों पर नहीं पहुंचे हैं। जानकारी के अनुसार इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 150 रुपये बढ़ाकर 2275 रुपये की गई है, जबकि पिछले वर्ष 2125 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी के आधार पर गेहूं की खरीद हुई थी। जानकारी के अनुसार दोनों अनाज मंडियों में गेहूं खरीद के लिए एपीएमसी की ओर से अत्याधुनिक मशीनों को भी स्थापित किया गया है। रामपुर में तैयार नई मंडी में लगातार दूसरे साल गेहूं की खरीद होगी, जिसका लाभ ऊना के साथ हरोली, बंगाणा क्षेत्र के किसानों को भी मिलेगा। किसानों को अनाज मंडी में गेहूं बिक्री करने के महज 24 से 48 घंटों के भीतर खाते में राशि का भुगतान भी किया जाएगा।
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किसानों को गेहूं की बिक्री के लिए एचपी प्रेक्यूरमेंट पोर्टल (hpappp.nic.in) पर पंजीकरण करवाने के साथ गेहूं की बिक्री हेतु टोकन लेना होगा। हालांकि अभी कुछेक किसानों ने ही पंजीकरण कराया है, लेकिन आने वाले दिनों में सिंचित इलाकों पर फसल की कटाई होने पर किसान बड़ी संख्या में मंडी पहुंचेंगे।
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35000 हेक्टेयर भूमि पर होगी है गेहूं की खेती

बता दें कि ऊना में हर वर्ष करीब 35000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती की जाती है। इसमें 20941 हेक्टेयर गैरसिंचित क्षेत्र और 14573 हेक्टेयर सिंचाई वाले क्षेत्र में गेहूं की खेती होती है। हर वर्ष किसानों को करीब 80 मीट्रिक टन गेहूं की पैदावार होती है, लेकिन इस वर्ष मौसम की मार झेल रही गेहूं की पैदावार में कमी आने का डर भी बना हुआ है।

व्यापारियों के पास लाइसेंस होना जरूरी



ध्यान रहे कि खरीद केंद्रों में कोई भी व्यापारी कृषि ऊपज मंडी समिति ऊना की ओर से जारी लाइसेंस के बिना किसानों का गेहूं नहीं खरीद पाएगा। अगर बिना लाइसेंस प्राप्त कोई व्यापारी किसानों से गेहूं की खरीद करता पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। किसान ऑनलाइन पोर्टल पर स्लॉट बुक करवा सकते हैं।


कोट्स

किसान अपने स्लॉट बुकिंग के अनुसार ही गेहूं मंडियों में लेकर पहुंचेगे। इससे उन्हें फसल बेचने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उचित दाम भी मिल पाएंगे। टकारला और रामपुर में स्थापित गेहूं खरीद केंद्रों में गेहूं की साफ-सफाई के लिए 19 बड़े पंखे लगाए गए हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख रुपये की लागत से दो मशीनें भी स्थापित हैं। इनकी प्रति घंटा 10 मीट्रिक टन गेहूं साफ करने की क्षमता है।



खुशबू राणा, सचिव, एपीएमसी, ऊना
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