{"_id":"6596efccf1f71b853805ce5e","slug":"medicines-will-soon-be-available-in-the-mother-child-hospital-una-news-c-93-1-ssml1047-14573-2024-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: मातृ-शिशु अस्पताल में अब जल्द मिलेंगी दवाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: मातृ-शिशु अस्पताल में अब जल्द मिलेंगी दवाइयां
विज्ञापन
ऊना। मातृ-शिशु अस्पताल के भवन में अब मरीजों को अलग से फार्मेसी की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को दवाइयां लेने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल के भवन का रुख नहीं करना पड़ेगा। मरीजों और तीमारदारों को क्षेत्रीय अस्पताल के परिसर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मार्च में मातृ-शिशु अस्पताल में शिशु रोग ओपीडी से लेकर, ऑपरेशन थियेटर व लेबर रूम सहित अन्य सुविधाएं शुरू करने की योजना है। इस योजना के तहत अब अलग से भवन में दवाइयां लेने की सुविधा भी मिलेगी। इससे मरीज और तीमारदार को काफी राहत मिलगी।
मां और शिशु को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए करीब 29 करोड़ से क्षेत्रीय अस्पताल से अलग मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण किया गया है। अस्पताल में मौजूदा समय में केवल स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी व क्रस्ना लैब का संचालन हो रहा है। इसके अलावा शिशु रोग ओपीडी सहित, लेबर रूम, गायनी वार्ड, शिशु रोग संबंधित वार्ड क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में ही चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन मार्च तक इन सभी सुविधाओं को मातृ शिशु अस्पताल में शुरू कर देगा। इसके साथ ही फार्मेसी भी नए भवन में शुरू होगी। इससे आने वाले समय में जब सभी सुविधाएं नए भवन में शिफ्ट हो जाएंगी तो लोगों को दवाइयां लेेने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल परिसर के चक्कर नहीं काटने पडेंगे। गर्भवती महिलाओं को नए भवन से पुराने भवन में आने-जाने के लिए काफी परेशानी होती है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने टेस्ट से लेकर सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मुहैया करवाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में क्रस्ना लैब का संचालन भी मातृ-शिशु अस्पताल में ही किया जा रहा है।
मातृ-शिशु अस्पताल में फार्मेसी की सुविधा देने के लिए कार्य किया जा रहा है। भवन में फार्मेसी के लिए स्थान चिह्नित कर दिया गया है। वर्तमान में बिजली संबंंधित काम चल रहा है। इसके बाद आमजन के लिए फार्मेसी की सुविधा शुरू हो जाएगी। -डॉ. विकास चौहान, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी क्षेत्रीय अस्पताल ऊना।
विज्ञापन
विज्ञापन
मां और शिशु को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए करीब 29 करोड़ से क्षेत्रीय अस्पताल से अलग मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण किया गया है। अस्पताल में मौजूदा समय में केवल स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी व क्रस्ना लैब का संचालन हो रहा है। इसके अलावा शिशु रोग ओपीडी सहित, लेबर रूम, गायनी वार्ड, शिशु रोग संबंधित वार्ड क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में ही चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन मार्च तक इन सभी सुविधाओं को मातृ शिशु अस्पताल में शुरू कर देगा। इसके साथ ही फार्मेसी भी नए भवन में शुरू होगी। इससे आने वाले समय में जब सभी सुविधाएं नए भवन में शिफ्ट हो जाएंगी तो लोगों को दवाइयां लेेने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल परिसर के चक्कर नहीं काटने पडेंगे। गर्भवती महिलाओं को नए भवन से पुराने भवन में आने-जाने के लिए काफी परेशानी होती है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने टेस्ट से लेकर सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मुहैया करवाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में क्रस्ना लैब का संचालन भी मातृ-शिशु अस्पताल में ही किया जा रहा है।
विज्ञापन
मातृ-शिशु अस्पताल में फार्मेसी की सुविधा देने के लिए कार्य किया जा रहा है। भवन में फार्मेसी के लिए स्थान चिह्नित कर दिया गया है। वर्तमान में बिजली संबंंधित काम चल रहा है। इसके बाद आमजन के लिए फार्मेसी की सुविधा शुरू हो जाएगी। -डॉ. विकास चौहान, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी क्षेत्रीय अस्पताल ऊना।
विज्ञापन