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लंबे रूटों में फायदा, लोकल बसों में चढ़ रहे कम यात्री
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ऊना। इन दिनों एचआरटीसी को लोकल रूटों के मुकाबले लंबे और और अंतरराज्यीय रूटों में फायदा हो रहा है। लोकल रूटों में सवारियों की कमी के चलते एचआरटीसी को बड़ी मुश्किल से तेल खर्च पूरा करना पड़ रहा है। जिससे अभी तक एचआरटीसी को नुकसान का सामना ही करना पड़ रहा है।
निगम के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में बसों से एचआरटीसी को करीब 95 फीसदी नुकसान हो रहा है। हालांकि तेल खर्च पूरा न करने वाले रूटों को पर निगम बसें नहीं उतार रही है। अंतरराज्यीय रूटों में यात्रियों की अधिक संख्या होने से एचआरटीसी लोकल रूटों के तेल खर्च को पूरा कर रही है।
इस समय ऊना डिपो में लगभग 90 रूट चल रहे हैं। इसमें से निगम 30 लोकल रूटों को और 40 लांग रूटों को चला रहा है। जैसे-जैसे बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। उसके चलते निगम ने भी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्ती कर दी है। निगम की बसों को हर रूट पर भेजने से पहले सैनिटाइज किया जा रहा है।
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चालक-परिचालकों का समय-समय पर तापमान जांचा जा रहा है। मास्क और सैनिटाइजेशन के प्रयोग के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। आरएम सुरेश धीमान ने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के बाद इंटर स्टेट बसें चलाने से लोकल रूटों में भी यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन इंटर स्टेट रूटों के मुकाबले लोकल रूटों में यात्रियों की संख्या में बहुत कम है। इंटर स्टेट रूट चलने से निगम की बसों की प्रतिदिन की इनकम में बढ़ोतरी हुई है, अन्यथा पहले लोकल रूट चलने से सिर्फ दो लाख रुपये की प्रतिदिन की इनकम थी।
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निगम के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में बसों से एचआरटीसी को करीब 95 फीसदी नुकसान हो रहा है। हालांकि तेल खर्च पूरा न करने वाले रूटों को पर निगम बसें नहीं उतार रही है। अंतरराज्यीय रूटों में यात्रियों की अधिक संख्या होने से एचआरटीसी लोकल रूटों के तेल खर्च को पूरा कर रही है।
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इस समय ऊना डिपो में लगभग 90 रूट चल रहे हैं। इसमें से निगम 30 लोकल रूटों को और 40 लांग रूटों को चला रहा है। जैसे-जैसे बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। उसके चलते निगम ने भी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्ती कर दी है। निगम की बसों को हर रूट पर भेजने से पहले सैनिटाइज किया जा रहा है।
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चालक-परिचालकों का समय-समय पर तापमान जांचा जा रहा है। मास्क और सैनिटाइजेशन के प्रयोग के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। आरएम सुरेश धीमान ने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के बाद इंटर स्टेट बसें चलाने से लोकल रूटों में भी यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन इंटर स्टेट रूटों के मुकाबले लोकल रूटों में यात्रियों की संख्या में बहुत कम है। इंटर स्टेट रूट चलने से निगम की बसों की प्रतिदिन की इनकम में बढ़ोतरी हुई है, अन्यथा पहले लोकल रूट चलने से सिर्फ दो लाख रुपये की प्रतिदिन की इनकम थी।