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चिंतपूर्णी मंदिर की प्रशादम योजना में 50 प्रतिशत हुई भूमि अधिग्रहित
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संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण को लेकर मंदिर न्यास की ओर से 50 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। मंदिर अधिग्रहण में आने वाले प्रभावित दुकानदारों की जमीनों की रजिस्ट्री करवाने का कार्य भरवाईं उपतहसील में चला हुआ है।
इस योजना के तहत मंदिर के भव्य निर्माण को लेकर 34 दुकानदारों की दुकानों का अधिग्रहण किया जाना है। 1696 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। वीरवार तक 856 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
करीब एक दर्जन से ज्यादा भूमि मालिकों की ओर से रजिस्ट्रियां करवाने के बाद अब तक 856 वर्ग मीटर भूमि भाषा एवं संस्कृति विभाग के नाम की जा चुकी है। प्रभावित दुकानदारों को मंदिर न्यास की ओर से 4.16 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है।
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बाकी के बची 50 फीसदी जमीन के अधिग्रहण को लेकर दुकानदार जमीन की रजिस्ट्री करवा रहे हैं। अभी भी कई ऐसे दुकानदार हैं, जिन्होंने अपनी जमीनों व एग्रीमेंट को लेकर कुछ ऑब्जेक्शन लगाकर लिखित रूप से मंदिर प्रशासन को सौंपे हैं।
एसडीएम अंब मनेश यादव का कहना है कि बहुत जल्द मंदिर के विस्तार को लेकर सारी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बचे हुए दुकानदार भी प्रशासन का सहयोग करें। जिन भूमि मालिकों की भूमि लेने में अड़चनें आ रही हैं, उन्हें भी दूर किया जाएगा ताकि भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ हो सके।
बता दें कि केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत चिंतपूर्णी मंदिर का विस्तारीकरण कर भव्य मंदिर का निर्माण किया जाना है। इसमें गर्भ गृह को छोड़कर यहां एक ही छत के नीचे श्रद्धालुओं को हर एक सुविधा मिल पाएगी।
भव्य मंदिर बनने के बाद चिंतपूर्णी में आधी से ज्यादा समस्याएं हल हो जाएगी। इस योजना को लेकर 45 करोड़ की राशि केंद्र सरकार की ओर से मंजूर की गई है, लेकिन पिछले चार सालों से यह कार्य अटका हुआ था। अब इस योजना को लेकर अधिग्रहण के कार्य प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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भरवाईं (ऊना)। चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण को लेकर मंदिर न्यास की ओर से 50 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। मंदिर अधिग्रहण में आने वाले प्रभावित दुकानदारों की जमीनों की रजिस्ट्री करवाने का कार्य भरवाईं उपतहसील में चला हुआ है।
इस योजना के तहत मंदिर के भव्य निर्माण को लेकर 34 दुकानदारों की दुकानों का अधिग्रहण किया जाना है। 1696 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। वीरवार तक 856 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
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करीब एक दर्जन से ज्यादा भूमि मालिकों की ओर से रजिस्ट्रियां करवाने के बाद अब तक 856 वर्ग मीटर भूमि भाषा एवं संस्कृति विभाग के नाम की जा चुकी है। प्रभावित दुकानदारों को मंदिर न्यास की ओर से 4.16 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है।
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बाकी के बची 50 फीसदी जमीन के अधिग्रहण को लेकर दुकानदार जमीन की रजिस्ट्री करवा रहे हैं। अभी भी कई ऐसे दुकानदार हैं, जिन्होंने अपनी जमीनों व एग्रीमेंट को लेकर कुछ ऑब्जेक्शन लगाकर लिखित रूप से मंदिर प्रशासन को सौंपे हैं।
एसडीएम अंब मनेश यादव का कहना है कि बहुत जल्द मंदिर के विस्तार को लेकर सारी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बचे हुए दुकानदार भी प्रशासन का सहयोग करें। जिन भूमि मालिकों की भूमि लेने में अड़चनें आ रही हैं, उन्हें भी दूर किया जाएगा ताकि भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ हो सके।
बता दें कि केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत चिंतपूर्णी मंदिर का विस्तारीकरण कर भव्य मंदिर का निर्माण किया जाना है। इसमें गर्भ गृह को छोड़कर यहां एक ही छत के नीचे श्रद्धालुओं को हर एक सुविधा मिल पाएगी।
भव्य मंदिर बनने के बाद चिंतपूर्णी में आधी से ज्यादा समस्याएं हल हो जाएगी। इस योजना को लेकर 45 करोड़ की राशि केंद्र सरकार की ओर से मंजूर की गई है, लेकिन पिछले चार सालों से यह कार्य अटका हुआ था। अब इस योजना को लेकर अधिग्रहण के कार्य प्रयास तेज कर दिए गए हैं।