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Una News: धोखाधड़ी के हाई प्रोफाइल मामले में आरोपियों के खातों की जांच

Tue, 19 Nov 2024 08:17 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2024 08:17 PM IST
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Investigation of accounts of accused in high profile case of fraud
पूर्व विधायक और दो नजदीकी व्यक्तियों के खिलाफ मामले में पुलिस जांच तेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। गगरेट के पूर्व विधायक एवं उनके दो नजदीकी व्यक्तियों पर मामला दर्ज होने पर पुलिस हर पहलू की जांच कर तफ्तीश आगे बढ़ा रही है। वहीं, मामला धोखाधड़ी और हाई प्रोफाइल होने के चलते पुलिस हर एंगल से जांच में जुट गई है। मंगलवार को पुलिस आरोपी व्यक्तियों के बैंक खातों की डिटेल खंगालती नजर आई ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। वहीं, चौकी प्रभारी एसआई रविपाल ने बताया कि पुलिस आरोपी व्यक्तियों के बैंक खातों की जांच करेगी ताकि यह साक्ष्य जुटाए जाएं कि किन खातों में पैसे का लेन-देन हुआ है। उसके बाद ही पुलिस आरोपी व्यक्तियों से पूछताछ करेगी और अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी। क्षेत्र के भद्रकाली के रहने वाले व्यक्ति सुरेंद्र सिंह ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाकर आरोप लगाया है कि पूर्व विधायक और उसके दो नजदीकी व्यक्तियों ने उससे फरवरी 2024 में आठ लाख रुपये ले लिए। अब तक न तो वापस किए और न ही वायदे के अनुसार उसे लोनिवि में कार्य दिलवाया। सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि पूर्व विधायक के खास व्यक्ति के कहने पर ही उसने एक खाते में 6 लाख रुपये बैंक से ट्रांसफर किए और 2 लाख रुपये नकद दिए थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बदले में उन्हें लोक निर्माण विभाग में बड़े काम का टेंडर दिलवाने का वायदा किया गया था। लेकिन, पैसे लेने के बावजूद वायदे को पूरा नहीं किया गया। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो लगातार आनाकानी की जा रही है। उधर, एसआई रविपाल ने बताया कि पुलिस ने सुरेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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यह एफआईआर झूठ का पुलिंदा है और मुझे बदनाम करने की साज़िश है। लेकिन एक बात तय है कि सुरेंद्र भोला से यह जरूर पता चल गया कि लोक निर्माण विभाग में कितने बड़े स्तर पर गोलमाल चल रहा है। मैं अपने पर हुई इस झूठी एफआईआर के खिलाफ न्यायालय में जाऊंगा और मानहानि का मुकदमा भी दायर करूंगा ।
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- चैतन्य शर्मा पूर्व विधायक गगरेट


सुरेंद्र भोला पर भी हो रिश्वत देने का मामला दर्ज : चैतन्य
पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा व उनके दो सहयोगियों पर एफआईआर होने के बाद चैतन्य शर्मा ने जारी प्रेस बयान में कहा कि शिकायतकर्ता खुद कह रहा है कि 8 लाख बतौर रिश्वत दिए हैं। कानूनन रिश्वत देना और लेना दोनों जुर्म है। ऐसे में शिकायतकर्ता पर मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया। उससे भी बड़ी बात ये है कि लोक निर्माण विभाग में टेंडर प्रकिया द्वारा ठेके दिए जाते हैं, सभी रजिस्टर ठेकेदारों को ये बात पता है। ऐसे में 8 लाख रुपये रिश्वत देकर सुरेंद्र भोला कैसे काम लेना चाहता था। इसका स्पष्टीकरण सुरेंद्र भोला और लोक निर्माण विभाग भी दे। चैतन्य शर्मा ने कहा कि एफआईआर में उनका नाम तो डाल दिया गया लेकिन जिसके अकाउंट में पैसे डाले गए हैं, उसका नाम इस एफआईआर में क्यों नहीं डाला गया।
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