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बीमा कंपनी को 1,10,445 रुपये नौ प्रतिशत ब्यास सहित चुकाने के आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला उपभोक्ता फोरम भूपेश अवस्थी की अदालत ने एक याचिका को मंजूर करते हुए प्रतिवादी बीमा कंपनी को 1,10,445 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के सहित मुआवजे के रूप में चुकाने के आदेश दिए हैं। फोरम ने 20,000 रुपये मानसिक परेशानी की एवज में और 15,000 रुपये कानूनी खर्च उपभोक्ता को देने का फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता दविंदर कुमार निवासी गांव चरारा तहसील बंगाणा के अधिवक्ता मुनीष शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता ने प्रतिवादी कंपनी से अपने वाहन का बीमा करवाया था। बीमा अवधि के दौरान 3 जनवरी 2017 को बीमित वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसकी जानकारी बीमा कंपनी को दी गई। बीमा कंपनी के सर्वेक्षक ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन का निरीक्षण भी किया। वाहन के नुकसान का आकलन 2,21,881 रुपये किया गया, जबकि शिकायतकर्ता को वाहन ठीक करवाने का खर्च 5,49,931 रुपये आया था।
बीमा कंपनी ने शिकायतकर्ता का क्लेम यह कारण बताते हुए रद्द कर दिया कि बीमाधारक ने कंपनी से बीमा करवाते समय अपनी पुरानी बीमा पॉलिसी की जानकारी छुपाई है। बीमाधारक पहले ही पुरानी बीमा कंपनी से क्लेम ले चुका है और इसकी जानकारी बीमा करवाते समय बीमाधारक ने बीमा कंपनी को नहीं दी।
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इसलिए बीमाधारक नो क्लेम बोनस का हकदार नहीं है। अत: उसका पूरा क्लेम रद्द किया जाता है। कंपनी के इस निर्णय के खिलाफ उपभोक्ता ने उपभोक्ता फोरम ऊना में अपनी याचिका दर्ज की। इस पर सुनवाई करते हुए हुए उपभोक्ता फोरम ने उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाया और क्लेम को पूरी तरह से निरस्त करना सेवाओं में कमी का मामला पाकर यह आदेश जारी किए।
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ऊना। जिला उपभोक्ता फोरम भूपेश अवस्थी की अदालत ने एक याचिका को मंजूर करते हुए प्रतिवादी बीमा कंपनी को 1,10,445 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के सहित मुआवजे के रूप में चुकाने के आदेश दिए हैं। फोरम ने 20,000 रुपये मानसिक परेशानी की एवज में और 15,000 रुपये कानूनी खर्च उपभोक्ता को देने का फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता दविंदर कुमार निवासी गांव चरारा तहसील बंगाणा के अधिवक्ता मुनीष शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता ने प्रतिवादी कंपनी से अपने वाहन का बीमा करवाया था। बीमा अवधि के दौरान 3 जनवरी 2017 को बीमित वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसकी जानकारी बीमा कंपनी को दी गई। बीमा कंपनी के सर्वेक्षक ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन का निरीक्षण भी किया। वाहन के नुकसान का आकलन 2,21,881 रुपये किया गया, जबकि शिकायतकर्ता को वाहन ठीक करवाने का खर्च 5,49,931 रुपये आया था।
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बीमा कंपनी ने शिकायतकर्ता का क्लेम यह कारण बताते हुए रद्द कर दिया कि बीमाधारक ने कंपनी से बीमा करवाते समय अपनी पुरानी बीमा पॉलिसी की जानकारी छुपाई है। बीमाधारक पहले ही पुरानी बीमा कंपनी से क्लेम ले चुका है और इसकी जानकारी बीमा करवाते समय बीमाधारक ने बीमा कंपनी को नहीं दी।
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इसलिए बीमाधारक नो क्लेम बोनस का हकदार नहीं है। अत: उसका पूरा क्लेम रद्द किया जाता है। कंपनी के इस निर्णय के खिलाफ उपभोक्ता ने उपभोक्ता फोरम ऊना में अपनी याचिका दर्ज की। इस पर सुनवाई करते हुए हुए उपभोक्ता फोरम ने उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाया और क्लेम को पूरी तरह से निरस्त करना सेवाओं में कमी का मामला पाकर यह आदेश जारी किए।