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Una News: जिले में बढ़ने लगे हीट स्ट्रोक के मामले
Sat, 11 May 2024 05:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 11 May 2024 05:45 AM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 10 से 15 मरीज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से लोगों को एहतियात बरतने की दी जा रही सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में तापमान बढ़ऩे के कारण हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हीट स्ट्रोक ने बीते कुछ दिनों में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय अस्पताल में ही रोजाना औसतन 10 से 15 मरीज हीट स्ट्रोक से संबंधित दिक्कतों को लेकर उपचार के लिए आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को गर्मी के कारण एहतियात बरतने की सलाह दे रहा है। उन्होंने उच्च तापमान में बाहर जाने से बचने की सलाह दी है और पानी की अधिक मात्रा में सेवन को सुझाया है।
बता दें कि जिले में मई के पहले पखवाड़े में ही गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। आलम यह है कि जिले में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। खुले में घंटों काम करने वाले लोग गर्मी के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन लोगों को गर्मी व तेज धूप से बचने की अपील कर रहा है। इसी के चलते प्रशासन ने स्कूलों की समय सारणी में बदलाव किया है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
सीधी धूप लेने पर अचानक चक्कर खाकर गिर जाना, बेहोश हो जाना, पीड़ित में काफी देर तक बेहोशी छाए रहना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित को जल्द ठंडी और छायादार जगह पर पहुंचाना, पीड़ित के शरीर के तापमान की जांच करें, बेहोश होने पर मुंह में थर्मामीटर न डालें, काम करते समय सिर को कपड़े से ढककर रखने से हीट स्ट्रोक से बचा सकता है। शारीरिक क्षमता से कमजोर व्यक्ति जल्दी चपेट में आते हैं। हीट स्ट्रोक में शरीर में पानी की मात्रा काफी कम हो जाती है।
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जिले में तापमान बढ़ने के साथ-साथ हीट स्ट्रोक के मामले भी सामने आना शुरू हो गए हैं। लोगों को तेज धूप से बचने के लिए छाता प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। बीमार व कमजोर लोग धूप से बचें। पानी का सेवन लगातार थोड़ी-थोड़ी देर बाद करते रहें। रोजाना अस्पताल में 10 से 15 मरीज हीट स्ट्रोक से संबंधित पहुंच रहे हैं।
डाॅक्टर संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से लोगों को एहतियात बरतने की दी जा रही सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में तापमान बढ़ऩे के कारण हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हीट स्ट्रोक ने बीते कुछ दिनों में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय अस्पताल में ही रोजाना औसतन 10 से 15 मरीज हीट स्ट्रोक से संबंधित दिक्कतों को लेकर उपचार के लिए आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को गर्मी के कारण एहतियात बरतने की सलाह दे रहा है। उन्होंने उच्च तापमान में बाहर जाने से बचने की सलाह दी है और पानी की अधिक मात्रा में सेवन को सुझाया है।
बता दें कि जिले में मई के पहले पखवाड़े में ही गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। आलम यह है कि जिले में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। खुले में घंटों काम करने वाले लोग गर्मी के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन लोगों को गर्मी व तेज धूप से बचने की अपील कर रहा है। इसी के चलते प्रशासन ने स्कूलों की समय सारणी में बदलाव किया है।
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हीट स्ट्रोक के लक्षण
सीधी धूप लेने पर अचानक चक्कर खाकर गिर जाना, बेहोश हो जाना, पीड़ित में काफी देर तक बेहोशी छाए रहना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित को जल्द ठंडी और छायादार जगह पर पहुंचाना, पीड़ित के शरीर के तापमान की जांच करें, बेहोश होने पर मुंह में थर्मामीटर न डालें, काम करते समय सिर को कपड़े से ढककर रखने से हीट स्ट्रोक से बचा सकता है। शारीरिक क्षमता से कमजोर व्यक्ति जल्दी चपेट में आते हैं। हीट स्ट्रोक में शरीर में पानी की मात्रा काफी कम हो जाती है।
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जिले में तापमान बढ़ने के साथ-साथ हीट स्ट्रोक के मामले भी सामने आना शुरू हो गए हैं। लोगों को तेज धूप से बचने के लिए छाता प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। बीमार व कमजोर लोग धूप से बचें। पानी का सेवन लगातार थोड़ी-थोड़ी देर बाद करते रहें। रोजाना अस्पताल में 10 से 15 मरीज हीट स्ट्रोक से संबंधित पहुंच रहे हैं।
डाॅक्टर संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना