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धुंध का प्रकोप: अस्थमा व हृदय रोग से पीड़ित मरीज न करें सैर
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ऊना में सुबह के समय छाई हल्की धुंध। संवाद
- फोटो : Una
ऊना। जिले में लगातार चल रही शीतलहर के चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को ठंड से बचने की अपील की है। इस दौरान खास तौर पर बुजुर्गों से सुबह और शाम में कुछ दिन के लिए सैर न करने की सलाह दी है। साथ ही अस्थमा, दिल के रोग और अन्य सांस से संबंधित रोगियों को सबसे अधिक सतर्क रहने के लिए आग्रह किया है।
स्वास्थ्य विभाग ने छोटे बच्चों को निमोनिया जैसे गंभीर रोग से बचने के लिए सर्दी के बीच घर से बाहर न निकलने की अभिभावकों को सलाह दी है। इसी के साथ बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष ध्यान रखने को कहा है। ताकि अस्पताल के चक्कर न काटने पड़ें।
जिले में इन दिनों सुबह और शाम सर्दी और कोहरे का प्रकोप चल रहा है। इस कारण लोगों को कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो रही हैं। आलम यह है कि सुबह 11:00 बजे तक भी कई बार सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं।
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विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के मौसम में अस्थमा, दिल से संबंधित रोग, वायरल, बुखार और बच्चों में निमोनिया होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। ऐसे लोगों को सुबह और शाम कोहरे के बीच सैर न करने की अपील की जा रही है।
उधर, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि जिन लोगों में पहले से ही दिल संबंधित रोग, सांस संबंधित अन्य दिक्कतें उन्हें बेहद सतर्क रहना चाहिए। बुजुर्गों को सुबह और शाम सर्दी के बीच सैर नहीं करनी चाहिए।
पांच साल से कम उम्र के बच्चों को ठंड के बीच निमोनिया होने का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसलिए छोटे बच्चों को घर से बाहर सर्दी में न भेजें। साथ ही कोई भी दिक्कत होने पर तुरंत अस्पताल में आकर बच्चे की जांच करवाएं।
बिना चिकित्सक के न लें कोई भी दवाई
सर्दी, बुखार होने पर अक्सर लोग अस्पताल में चिकित्सक को दिखाए बिना ही दवाई ले लेते हैं। ऐसा करना घातक साबित हो सकता है। बिना चिकित्सक से परामर्श लिए कोई भी दवाई न खाएं। इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग ने छोटे बच्चों को निमोनिया जैसे गंभीर रोग से बचने के लिए सर्दी के बीच घर से बाहर न निकलने की अभिभावकों को सलाह दी है। इसी के साथ बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष ध्यान रखने को कहा है। ताकि अस्पताल के चक्कर न काटने पड़ें।
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जिले में इन दिनों सुबह और शाम सर्दी और कोहरे का प्रकोप चल रहा है। इस कारण लोगों को कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो रही हैं। आलम यह है कि सुबह 11:00 बजे तक भी कई बार सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं।
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विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के मौसम में अस्थमा, दिल से संबंधित रोग, वायरल, बुखार और बच्चों में निमोनिया होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। ऐसे लोगों को सुबह और शाम कोहरे के बीच सैर न करने की अपील की जा रही है।
उधर, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि जिन लोगों में पहले से ही दिल संबंधित रोग, सांस संबंधित अन्य दिक्कतें उन्हें बेहद सतर्क रहना चाहिए। बुजुर्गों को सुबह और शाम सर्दी के बीच सैर नहीं करनी चाहिए।
पांच साल से कम उम्र के बच्चों को ठंड के बीच निमोनिया होने का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसलिए छोटे बच्चों को घर से बाहर सर्दी में न भेजें। साथ ही कोई भी दिक्कत होने पर तुरंत अस्पताल में आकर बच्चे की जांच करवाएं।
बिना चिकित्सक के न लें कोई भी दवाई
सर्दी, बुखार होने पर अक्सर लोग अस्पताल में चिकित्सक को दिखाए बिना ही दवाई ले लेते हैं। ऐसा करना घातक साबित हो सकता है। बिना चिकित्सक से परामर्श लिए कोई भी दवाई न खाएं। इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।