फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Government buses start on local routes, stop on the way

Una News: लोकल रूटों पर सरकारी बसें धक्का स्टार्ट, रास्ते में रुक रहीं

Thu, 01 May 2025 05:33 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 01 May 2025 05:33 PM IST
विज्ञापन
Government buses start on local routes, stop on the way
धनेत, डीहर और तलमेहड़ा रूट पर हर तीसरे-चौथे दिन निगम की बस सेवा हो जाती है बंद
विज्ञापन

पिछले तीन दिन से बस बंद होने से जंगल के रास्ते पैदल स्कूल पहुंच रहे बच्चे
अभिभावकों ने कहा, नियमित रूट पर चलाई जाए बस सेवा

संवाद न्यूज एजेंसी

बंगाणा (ऊना)। क्षेत्र के लोकल रूटों पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें धक्का स्टार्ट साबित हो रही हैं। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को उठाना पड़ रहा। जरूरी कार्यों के लिए प्रतिदिन जाने वाले लोगों और विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह छह बजे तुतड़ू, खडोल, बंगाणा, तलमेहडा, जोल, बड़ूही ऊना रूट पर चलने वाली बस पिछले दो सप्ताह से या तो रास्ते में खराब हो रही या फिर रूट रद्द कर दिया जा रहा। इस रूट पर चलने वाली बस पिछले तीन दिन से बंद होने पर स्कूलों सहित महाविद्यालय चौकीमन्यार, महाविद्यालय अंब, ऊना सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। इस रूट पर सफर करने वाले विद्यार्थियों को बुहाणा-तलमेहड़ा से जोल आठ से दस किलोमीटर दूरी का सफर जंगल के रास्ते तय करना पड़ रहा। इस समस्या को लेकर अभिभावकों ने अपने अपने विचार साझा करते हुए प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग से समस्या का समाधान करवाने का आह्वान किया।
चंबोआ से तलमेहड़ा स्कूल की दूरी लगभग चार किलोमीटर है। बस रूट रद्द होने पर छोटे बच्चों को पैदल स्कूल पहुंचना पड़ रहा। हम लोग घर में हों तो बाइक पर स्कूल छोड़ने चले जाते हैं। अगर बाहर हों तो बच्चों को पैदल ही स्कूल आना-जाना पड़ता है। -चंबोआ के संजीव शर्मा
विज्ञापन

बाहर नौकरी करते हैं। बेटियों को पैदल चड़ोली से लगभग पांच किलोमीटर पैदल सफर कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। बस मिस होने पर बेटियों के स्कूल पहुंचने तक समस्या मन में बनी रहती है। सरकार को इस रूट को मिस नहीं करना चाहिए। -चड़ोली से विपिन शर्मा
विज्ञापन
विज्ञापन

मजदूरी कर अपना और परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बस रूट बंद होने पर बच्चों को छह किलोमीटर दूर स्कूल छोड़ने व लाने के लिए कई बार काम से भी छुट्टी करनी पड़ती है। आखिर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का मामला है। पैदल स्कूल पहुंचने पर शाम को बच्चे बहुत थक जाते हैं। -कोकरा से अशोक ठाकुर
तलमेहड़ा बाजार में मजदूरी करते हैं। सुबह-शाम बस सफर से ही आना-जाना होता है। बस रूट रद्द होने पर पैदल ही लगभग सात किलोमीटर सफर कर काम पर पहुंचना पड़ता है। गांव के बच्चे भी पैदल ही स्कूल पहुंचते हैं। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। -बुहाणा के राजेश कुमार

उधर, एचआरटीसी के डीडीएम सुरेश धीमान ने बताया कि यह समस्या उनके ध्यान में आई है। जल्द इसका स्थायी हल किया जाएगा, ताकि लोगों को इस प्रकार की परेशानी न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed