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ऊना में हाउस टैक्स तय करने के लिए सितंबर से किया जाएगा जीआईएस सर्वेक्षण
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ऊना। शहर में भवनों के आकलन के लिए जीआईएस सर्वे का काम सितंबर के अंत तक शुरू होगा। नगर परिषद ने सर्वे के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। हाईटेक सेटेलाइट सिस्टम से जीआईएस सर्वे होगा।
इस सर्वे से नगर परिषद के अलावा शहरवासियों को भी लाभ मिलेगा। जीआईएस सर्वे पूरा होने के बाद हाउस टैक्स आनलाइन जमा हो पाएंगे। दूसरी तरफ हाउस टैक्स चोरी करने वालों पर लगाम कसने में नगर परिषद को सहायता मिलेगी। सर्वे करवाने का मकसद ऊना में भवनों का आकलन और नव निर्माण पर पैनी नजर रखना है।
बता दें कि इस समय नगर परिषद में हाउस टैक्स वसूलने का काम नप कार्यालय करता है। इसमें नप को कई बार भवन के असल रूप और संख्या के बारे में पता नहीं लग पाता है। जीआईएस सर्वे से भवन की सेटेलाइट इमेज, हाई रेज्यूलेशन फोटो जिसमें भवन की नींव से लेकर पूरे भवन की जांच की जाएगी। इसके आधार पर ही हाउस टैक्स लिया जाएगा।
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इस संबंध में कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि ऊना शहर में प्रस्तावित जीआईएस सर्वे सितंबर तक शुरू होने की संभावना है। सर्वे करवाने के लिए नगर परिषद सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
नप का बढ़ेगा राजस्व
जीआईएस सर्वे से नगर परिषद से राजस्व को भी बढ़ेगा। इससे नगर परिषद शहर लोगों को और सुविधाएं देने में आर्थिक तौर पर सक्षम होगी। साथ ही नगर परिषद का 50 प्रतिशत तक राजस्व बढ़ने का अनुमान है। साथ ही हाउस टैक्स जमा करवाने के लिए सर्वे होने के बाद ऑनलाइन से टैक्स जमा हो पाएगा।
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इस सर्वे से नगर परिषद के अलावा शहरवासियों को भी लाभ मिलेगा। जीआईएस सर्वे पूरा होने के बाद हाउस टैक्स आनलाइन जमा हो पाएंगे। दूसरी तरफ हाउस टैक्स चोरी करने वालों पर लगाम कसने में नगर परिषद को सहायता मिलेगी। सर्वे करवाने का मकसद ऊना में भवनों का आकलन और नव निर्माण पर पैनी नजर रखना है।
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बता दें कि इस समय नगर परिषद में हाउस टैक्स वसूलने का काम नप कार्यालय करता है। इसमें नप को कई बार भवन के असल रूप और संख्या के बारे में पता नहीं लग पाता है। जीआईएस सर्वे से भवन की सेटेलाइट इमेज, हाई रेज्यूलेशन फोटो जिसमें भवन की नींव से लेकर पूरे भवन की जांच की जाएगी। इसके आधार पर ही हाउस टैक्स लिया जाएगा।
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इस संबंध में कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि ऊना शहर में प्रस्तावित जीआईएस सर्वे सितंबर तक शुरू होने की संभावना है। सर्वे करवाने के लिए नगर परिषद सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
नप का बढ़ेगा राजस्व
जीआईएस सर्वे से नगर परिषद से राजस्व को भी बढ़ेगा। इससे नगर परिषद शहर लोगों को और सुविधाएं देने में आर्थिक तौर पर सक्षम होगी। साथ ही नगर परिषद का 50 प्रतिशत तक राजस्व बढ़ने का अनुमान है। साथ ही हाउस टैक्स जमा करवाने के लिए सर्वे होने के बाद ऑनलाइन से टैक्स जमा हो पाएगा।