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Una News: वर्क वीजा के नाम पर 12.40 लाख रुपये की ठगी, केस दर्ज
Mon, 03 Mar 2025 08:17 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 03 Mar 2025 08:17 PM IST
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गगरेट (ऊना)। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक गिरोह ने गगरेट उपमंडल के बड़ोह गांव के युवक से 12.40 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता विजय जसवाल ने बताया कि उसका बेटा अखिल जसवाल खरड़ के एक दंपती के संपर्क में आया। इसके बाद बेटे के माध्यम से वह भी दंपती से मिला। बातचीत के दौरान दंपती ने बेटे को सिंगापुर में वर्क वीजा पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बदले उन्होंने 15 लाख रुपये की डिमांड की। इसमें से आठ लाख रुपये कैश के रूप में मांगा। उन्होंने छह लाख रुपये दंपति के खाते में तीन अक्तूबर 2024 को ट्रांसफर किए। इसके बाद 12 दिसंबर 2024 को 6.40 लाख रुपये की पेमेंट फिर से उनके अकाउंट में ट्रांसफर की गई।
धनराशि मिलने के बाद युवक को सिंगापुर की फ्लाइट टिकट और वर्क वीजा दिया गया। इस दौरान वादा किया गया था कि उसे सेल्स मैनेजर की पक्की नौकरी मिलेगी। शैक्षणिक योग्यता पूरी न करने पर उनके बेटे को क्लीनिंग सर्विस का वर्क वीजा दिया गया। इसके बाद उनका बेटा सिंगापुर की फ्लाइट लेकर रवाना हो गया। अगले दिन सिंगापुर पहुंचने पर अखिल नौकरी के लिए कंपनी पहुंचा तो वहां सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि ऐसी कोई वैकेंसी नहीं थी। जांच में दिया गया वर्क परमिट भी फर्जी निकला।
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अखिल चार-पांच दिन वहां कंपनी में जाने का प्रयास करता रहा। जब परिवार ने दंपती से संपर्क किया तो उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया है। उधर, डीएसपी डॉ. वसुधा सूद ने बताया कि पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरोह ने कितने लोगों को ठगा, इसका खुलासा जांच के बाद होगा।
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शिकायतकर्ता विजय जसवाल ने बताया कि उसका बेटा अखिल जसवाल खरड़ के एक दंपती के संपर्क में आया। इसके बाद बेटे के माध्यम से वह भी दंपती से मिला। बातचीत के दौरान दंपती ने बेटे को सिंगापुर में वर्क वीजा पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बदले उन्होंने 15 लाख रुपये की डिमांड की। इसमें से आठ लाख रुपये कैश के रूप में मांगा। उन्होंने छह लाख रुपये दंपति के खाते में तीन अक्तूबर 2024 को ट्रांसफर किए। इसके बाद 12 दिसंबर 2024 को 6.40 लाख रुपये की पेमेंट फिर से उनके अकाउंट में ट्रांसफर की गई।
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धनराशि मिलने के बाद युवक को सिंगापुर की फ्लाइट टिकट और वर्क वीजा दिया गया। इस दौरान वादा किया गया था कि उसे सेल्स मैनेजर की पक्की नौकरी मिलेगी। शैक्षणिक योग्यता पूरी न करने पर उनके बेटे को क्लीनिंग सर्विस का वर्क वीजा दिया गया। इसके बाद उनका बेटा सिंगापुर की फ्लाइट लेकर रवाना हो गया। अगले दिन सिंगापुर पहुंचने पर अखिल नौकरी के लिए कंपनी पहुंचा तो वहां सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि ऐसी कोई वैकेंसी नहीं थी। जांच में दिया गया वर्क परमिट भी फर्जी निकला।
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अखिल चार-पांच दिन वहां कंपनी में जाने का प्रयास करता रहा। जब परिवार ने दंपती से संपर्क किया तो उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया है। उधर, डीएसपी डॉ. वसुधा सूद ने बताया कि पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरोह ने कितने लोगों को ठगा, इसका खुलासा जांच के बाद होगा।