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Una News: मां चिंतपूर्णी के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब, दिनभर लगी रही कतारें
Sat, 10 Aug 2024 05:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 10 Aug 2024 05:31 AM IST
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माता के दर्शनों के लिए लगी डबल लाइन होटल संतोष तक पहुंची
क्षेत्र में लगे दर्जनों लंगर श्रद्धालुओं को परोसे रहे विभिन्न प्रकार के व्यंजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। माता चिंतपूर्णी के दरबार में चल रहे श्रावण अष्टमी मेले के पांचवें दिन क्षेत्र में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। माता के दर्शनों के लिए लगी डबल लाइन होटल संतोष तक पहुंच गई।
वहीं, भरवाईं से लेकर चिंतपूर्णी बाजार श्रद्धालुओं से भरा रहा। दर्शन करने के अलावा हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाजार में खरीदारी करते नजर आए। वहीं,लंगर वाले स्थानों पर काफी भीड़ जमा रही। क्षेत्र में लगे दर्जनों लंगर में श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रकार के व्यंजन परोसे जा रहे हैं। पंजाब से आए राजेश शर्मा, अंजू, नीलम, राजेंद्र सिंह, मनु, सुक्खा बक्शी, मानसी इत्यादि ने बताया कि माता चिंतपूर्णी के दरबार में लगने वाला श्रावण अष्टमी मेला पंजाबियों के लिए किसी पर्व से कम नहीं है। लोग बड़ी श्रद्धा से यहां पहुंचकर इसे त्योहार की तरह मनाते हैं। बड़ी श्रद्धा से माता के दरबार पहुंचकर लाइनों में खड़े होकर मंदिर में हाजिरी भरते हैं और कई संस्थाएं लाखों रुपये खर्च कर लंगर लगाती हैं। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि अष्टमी मेला सुचारू रूप से चला हुआ है। जिलाधीश जतिन लाल के दिशानिर्देशों से प्रबंधों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। संवाद
सफाई के नाम पर हो रही लीपापोती
मेले के दौरान प्रशासन ने लंगर लगाने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन साफ सफाई व्यवस्था अब तक राम भरोसे ही चल रही है। यहां वहां लंगर से बचे हुए व्यंजनों को खुले में फेंका जा रहा है। साफ सफाई के नाम पर लीपापोती ही हो रही है। वहीं, पहले पंचायत स्तर पर तमाम व्यवस्थाओं की निगरानी होती थी। इस बार लंगर लगाने की मंजूरी भी प्रशासन अपने स्तर पर कर रहा है, जिससे यह आलम मेले में देखने को मिल रहा है।
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क्षेत्र में लगे दर्जनों लंगर श्रद्धालुओं को परोसे रहे विभिन्न प्रकार के व्यंजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। माता चिंतपूर्णी के दरबार में चल रहे श्रावण अष्टमी मेले के पांचवें दिन क्षेत्र में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। माता के दर्शनों के लिए लगी डबल लाइन होटल संतोष तक पहुंच गई।
वहीं, भरवाईं से लेकर चिंतपूर्णी बाजार श्रद्धालुओं से भरा रहा। दर्शन करने के अलावा हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाजार में खरीदारी करते नजर आए। वहीं,लंगर वाले स्थानों पर काफी भीड़ जमा रही। क्षेत्र में लगे दर्जनों लंगर में श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रकार के व्यंजन परोसे जा रहे हैं। पंजाब से आए राजेश शर्मा, अंजू, नीलम, राजेंद्र सिंह, मनु, सुक्खा बक्शी, मानसी इत्यादि ने बताया कि माता चिंतपूर्णी के दरबार में लगने वाला श्रावण अष्टमी मेला पंजाबियों के लिए किसी पर्व से कम नहीं है। लोग बड़ी श्रद्धा से यहां पहुंचकर इसे त्योहार की तरह मनाते हैं। बड़ी श्रद्धा से माता के दरबार पहुंचकर लाइनों में खड़े होकर मंदिर में हाजिरी भरते हैं और कई संस्थाएं लाखों रुपये खर्च कर लंगर लगाती हैं। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि अष्टमी मेला सुचारू रूप से चला हुआ है। जिलाधीश जतिन लाल के दिशानिर्देशों से प्रबंधों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। संवाद
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सफाई के नाम पर हो रही लीपापोती
मेले के दौरान प्रशासन ने लंगर लगाने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन साफ सफाई व्यवस्था अब तक राम भरोसे ही चल रही है। यहां वहां लंगर से बचे हुए व्यंजनों को खुले में फेंका जा रहा है। साफ सफाई के नाम पर लीपापोती ही हो रही है। वहीं, पहले पंचायत स्तर पर तमाम व्यवस्थाओं की निगरानी होती थी। इस बार लंगर लगाने की मंजूरी भी प्रशासन अपने स्तर पर कर रहा है, जिससे यह आलम मेले में देखने को मिल रहा है।
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