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एंटी हेल नेट लगाने के लिए किसानों को मिलेगी 80 प्रतिशत सब्सिडी
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Farmers will get 80 percent subsidy for installing anti hell net
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ऊना। जिले के सब्जी उत्पादकों को कोहरा, ओलावृष्टि और कीट पतंगों से बचने के लिए एंटी हेल नेट लगाने की सुविधा मिलेगी। जिले में सब्जी उत्पादकों के लिए कृषि विभाग की तरफ से पहली बार इस सुविधा को शुरू किया किया गया है। सब्जी उत्पादकों को एंटी हेल नेट लगाने के लिए प्रदेश सरकार 80 प्रतिशत सब्सिडी देगी।
जिले में स्वां किनारे किसान लौकी, फूल गोभी, रामतोरी, आलू, मटर, फ्रांस बीन, कद्दू और धनिया सहित कई सब्जियों का उत्पादन करते हैं। जिले के सब्जी उत्पादकों को पहली बार एंटी हेल नेट लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला में परंपरागत खेती को छोड़कर कई किसान सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। इन किसानों को कोहरे, कीट पतंगों और कई बारी ओलावृष्टि होने पर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे।
सरकार और कृषि विभाग की तरफ कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के तहत एंटी हेल नेट लगाने के लिए 80 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। जिला में इसके लिए एंटी हेल नेट स्थापित करने वाली निजी कंपनियों से भी संपर्क किया गया है। जिला में इस योजना के तहत हाल में 31 लाख का बजट जारी किया गया है। इसे भविष्य में मांग के हिसाब से बढ़ाया जाएगा। इस संबंध में उप निदेशक कृषि विभाग डॉ. अतुल डोगरा ने बताया कि सब्जी उत्पादकों को पहली बार एंटी हेल नेट लगाने के प्रक्रिया शुरू की गई है। एंटी हेल नेट लगाने के लिए सब्जी उत्पादक कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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पांच हजार वर्ग मीटर के लिए ही मिलेगा अनुदान
जिला के सब्जी उत्पादकों के लिए पांच हजार वर्ग मीटर की भूमि पर ही एंटी हेल नेट लगाने पर 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान नजदीक के कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। कृषि विभाग के कार्यालय में आवेदन कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस सुविधा के लिए मार्च 2022 तक आवेदन किया जा सकता है।
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जिले में स्वां किनारे किसान लौकी, फूल गोभी, रामतोरी, आलू, मटर, फ्रांस बीन, कद्दू और धनिया सहित कई सब्जियों का उत्पादन करते हैं। जिले के सब्जी उत्पादकों को पहली बार एंटी हेल नेट लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला में परंपरागत खेती को छोड़कर कई किसान सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। इन किसानों को कोहरे, कीट पतंगों और कई बारी ओलावृष्टि होने पर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे।
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सरकार और कृषि विभाग की तरफ कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के तहत एंटी हेल नेट लगाने के लिए 80 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। जिला में इसके लिए एंटी हेल नेट स्थापित करने वाली निजी कंपनियों से भी संपर्क किया गया है। जिला में इस योजना के तहत हाल में 31 लाख का बजट जारी किया गया है। इसे भविष्य में मांग के हिसाब से बढ़ाया जाएगा। इस संबंध में उप निदेशक कृषि विभाग डॉ. अतुल डोगरा ने बताया कि सब्जी उत्पादकों को पहली बार एंटी हेल नेट लगाने के प्रक्रिया शुरू की गई है। एंटी हेल नेट लगाने के लिए सब्जी उत्पादक कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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पांच हजार वर्ग मीटर के लिए ही मिलेगा अनुदान
जिला के सब्जी उत्पादकों के लिए पांच हजार वर्ग मीटर की भूमि पर ही एंटी हेल नेट लगाने पर 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान नजदीक के कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। कृषि विभाग के कार्यालय में आवेदन कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस सुविधा के लिए मार्च 2022 तक आवेदन किया जा सकता है।