फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Farmers in the Bangana subdivision are distressed by the menace of wild animals.

Una News: जंगली जानवरों के आतंक से बंगाणा के किसान परेशान

Mon, 24 Aug 2026 05:19 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Mon, 24 Aug 2026 05:19 AM IST
विज्ञापन
Farmers in the Bangana subdivision are distressed by the menace of wild animals.
बंगाणा क्षेत्र में जंगली जानवरों के आतंक से खराब हुई मक्की की फसल। संवाद
बोले, मक्की की फसल में खर्चा रुपया आमदनी अठन्नी, ऐसा रहा तो खेती से पीछे खींचने पड़ेंगे हाथ
विज्ञापन

प्रशासन और कृषि विभाग से उचित मुआवजा देने और फसल सुरक्षा को ठोस कदम उठाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा में जंगली जानवरों के आतंक से किसान परेशान हैं। बंदर, पक्षी, नीलगाय और जंगली सूअरों के झुंड मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि दिन-रात मेहनत और खेतों की रखवाली के बावजूद फसल का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो रहा है।
खरयालता, डीहर, धनेत, टकोली, चौली, रायपुर मैदान, पिपलू, हटली, खड़ोल, अरलू, करमाली और छपरोह सहित अन्य पंचायतों के किसान फसल की सुरक्षा के लिए दिन-रात पहरा देने को मजबूर हैं। दिन में बंदर और पक्षी, जबकि रात को नीलगाय और जंगली सूअरों के झुंड फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
विज्ञापन

किसानों के अनुसार महंगे बीज, खाद, ट्रैक्टर से बिजाई और खरपतवार नियंत्रण पर खर्च करने के बाद भी फसल सुरक्षित नहीं बच रही है। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में खर्चा रुपया और आमदनी अठन्नी जैसी हो गई है। यदि हालात नहीं सुधरे तो उन्हें खेती से हाथ खींचने पड़ सकते हैं। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से नुकसान का उचित मुआवजा देने के साथ फसल सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स
मक्की की फसल की खेती में लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि फसल से नाममात्र की आमदनी हो रही है। जंगली जानवरों के आतंक के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। -सोनिया, खरयालता
----------------------
जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक के कारण किसान फसलों को बचाने में असहाय महसूस कर रहे हैं। प्रशासन और कृषि विभाग को किसानों की समस्या का कोई समाधान निकालना चाहिए। -पूर्व बीडीसी सदस्य राज कुमार मनकोटिया, पिपलू
-------------------------

पहले फसल पर सुंडी रोग का प्रकोप, फिर प्राकृतिक आपदाएं और अब जंगली जानवरों का आतंक किसानों के लिए लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। किसानों को उनकी मेहनत का उचित परिणाम नहीं मिल पा रहा है। -कुलदीप सिंह, सिहाण
----------------------
यदि जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए कोई प्रभावी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में किसान मक्की की खेती छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। -संतोष परमार, दोबड़

बंगाणा क्षेत्र में जंगली जानवरों के आतंक से खराब हुई मक्की की फसल। संवाद

बंगाणा क्षेत्र में जंगली जानवरों के आतंक से खराब हुई मक्की की फसल। संवाद

बंगाणा क्षेत्र में जंगली जानवरों के आतंक से खराब हुई मक्की की फसल। संवाद

बंगाणा क्षेत्र में जंगली जानवरों के आतंक से खराब हुई मक्की की फसल। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed