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Una News: बारिश की फुहारों से खिलीं किसानों की उम्मीदें, मूर्छित फसलों को मिली संजीवनी

Thu, 20 Feb 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Feb 2025 11:59 PM IST
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Farmers' hopes blossomed due to rain showers, faint crops get lifeline
ऊना में मौसम में आए बदलाव के चलते आसमान में छाए बादल।संवाद - फोटो : संवाद
जिला में वीरवार सुबह से शाम तक 10 एमएम बारिश दर्ज
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गैर सिंचित इलाकों में करीब 20000 हेक्टेयर जमीन में आएगी हरियाली

बारिश होने से मौसम में लौटी ठंडक, 21 डिग्री तक पहुंचा अधिकतम पारा


संवाद न्यूज एजेंसी



ऊना। जिले में वीरवार तड़के बारिश से गेहूं और नगदी फसलों को संजीवनी मिल गई है। किसानों की उम्मीदें भी परवान चढ़ी हैं। लंबे समय से पर्याप्त बारिश न होने से खलिहानों में फसलें मुरझा गई थीं। खासकर गैर सिंचित क्षेत्रों में फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई थी। अब बारिश की फुहारों से उम्मीदें भी खिल गई हैं। बारिश करीब 35000 हेक्टेयर जमीन पर तैयार गेहूं और 1000 हेक्टेयर जमीन पर आलू की फसल के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। बंगाणा, चिंतपूर्णी, अंब, गगरेट और हरोली के गैर सिंचित इलाकों में 20000 हेक्टेयर जमीन पर बीजी गेहूं की फसल के लिए यह बारिश जीवनदान से कम नहीं।

जिले में वीरवार सुबह से लेकर शाम तक 10 एमएम के आसपास बारिश हुई। बारिश का दौर दिनभर रुक-रुककर जारी रहा। यह बारिश मुख्य रूप से गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी, जिससे फसल की बढ़ोतरी में मदद मिलेगी और पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों संजीव चड्ढा, सुरेश कुमार, कश्मिंदर सिंह व शिव कुमार ने बताया कि समय पर हुई यह बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी साबित होगी। यह सिंचित क्षेत्रों के लिए तो लाभदायक है ही, गैर सिंचित क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी। इससे नमी बढ़ेगी और फसल को पर्याप्त पोषण मिलेगा। इन किसानों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी अगर बारिश जारी रहती है तो करीब एक माह तक सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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उधर, आलू तैयार करने वाले किसानों का कहना है कि बीते दिनों में लगातार सिंचाई करने से कमर टूट चुकी थी। आलू की अधिकतर फसल रेतीली जमीन पर तैयार होती है। ऐसी जमीन में फसल को बचाने के लिए लगातार सिंचाई करनी पड़ती है। बारिश होने से अब कम से कम 10 दिन तो राहत रहेगी।
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क्षेत्र में बारिश होने से तापमान पर भी असर हुआ है। दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। पहले जहां दिन में धूप खिलने से अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा था। वीरवार को अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 8.5 दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो शुक्रवार को भी मौसम खराब रहेगा।

खाद और कीटनाशकों का छिड़काव होगा शुरू


जमीन में नमी लौटने के बाद अब किसान खेतों में खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करने में जुटेंगे। बिना नमी के खेतों में छिड़काव करने से विपरीत असर होता है। अब छिड़काव से फसलों की वृद्धि में तेजी आएगी।


कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए निश्चित तौर पर बारिश वरदान से कम नहीं। बिन बारिश फसल प्रभावित हो रही थी। अगर बारिश न होती तो फसल पर बुरा असर होने का भय था। आने वाले दिनों में फसल की वृद्धि बेहतर होगी और अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है।

Iमौसम विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया कि ऊना में वीरवार को 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को भी मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है। I
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