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किसानों को बैंगन की अच्छी मिली कीमत, हो रहे मालामाल

Sat, 13 Nov 2021 10:03 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 10:03 PM IST
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Farmers get rich from the cheap prices of brinjal
ऊना। सूबे में आलू की जगह बैंगन की खेती करने का फैसला इस बार किसानों के लिए फायदेमंद रहा है। इस सीजन में किसानों को बैंगन फसल की कीमतें अच्छी मिल रही हैं। इस बार बैंगन की अधिकतम कीमत 25 रुपये प्रति किलो और न्यूनतम 12 से 14 रुपये तक रही। किसानों ने पिकअप गाड़ियों के जरिये बैंगन को खेत में ही पैक कर पंजाब की मंडियों में बेचा।
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गाड़ी में एक बार में औसतन करीब 25 क्विंटल तक बैंगन ले जाया गया। इस दौरान न्यूनतम कीमत की स्थिति में 32 हजार और अधिकतम 62 हजार तक बैंगन बिका। किसानों को एक गाड़ी का बैंगन तैयार करने में 15 हजार खर्च आया। इस लिहाज से एक गाड़ी में 17 हजार से 47 हजार तक बचत हुई। किसान मदन कुमार का कहना है कि इस बार 14 कनाल जमीन में बैंगन उगाया था। इस फैसले से उन्हें उम्मीद से अधिक लाभ हुआ। वह हर हफ्ते तुड़ान कर गाड़ी मंडी भेजते थे। इस फसल को तैयार करने और तुड़ान में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।
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भरी गर्मी में समय-समय पर पानी, खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ता है। इस फसल पर कीड़े की अधिक मार पड़ती है, लेकिन विशेष ध्यान और कृषि विभाग से दिशा-निर्देशों का ध्यान रखा जाए, तो इस समस्या से बचा जा सकता है। उन्होंने करीब 15 गाड़ियां तुड़ान कर मंडी भेजीं और इससे अच्छा फायदा मिला। सर्दी आने के साथ ही यह फसल खत्म हो जाती है। आने वाले समय में अधिक जमीन पर इस खेती को करने की योजना बना रहे हैं। बता दें कि राज्य के किसान अप्रैल-मई महीने में 1012 हेक्टेयर जमीन पर बैंगन के पौधे लगाते हैं। जुलाई के दूसरे सप्ताह तक फसल तैयार हो जाती है। इसके बाद तुड़ान शुरू हो जाता है और अक्तूबर महीने के अंत तक एक सप्ताह के अंतराल में यह प्रक्रिया जारी रहती है।
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राज्य में बैंगन की कुल पैदावार करीब 20 हजार 918 मीट्रिक टन तक होती है। ज्यादातर किसान अमृतसर और लुधियाना में बिक्री के लिए पहुंचते हैं। उधर, कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉक्टर अतुल डोगरा ने बताया कि जिले के 35 हेक्टेयर जमीन पर बैंगन की खेती करते हैं। हर सीजन में 622 मीट्रिक टन फसल तैयार होती है। बैंगन के बीजों का सही रोपण होना चाहिए। दो पौधों और दो कतार के बीच की दूरी 60 सेंटीमीटर होनी चाहिए। बैंगन की अधिक पैदावार के लिए गर्मी के मौसम में हर 3 से 4 दिन में पानी देना चाहिए और सर्दियों में 12 से 15 दिन के अंतराल में। इस बात का खास ख्याल रखें कि बैंगन की फसल में पानी न जमा हो।
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