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Una News: आलू की फसल की गुड़ाई में जुटे किसान
Tue, 10 Feb 2026 06:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 10 Feb 2026 06:53 AM IST
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खेतों में आलू की फसल की तैयारी में जुटे किसान। संवाद
ऊना। जिले के किसानों को आलू की फसल में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से किसान अब आलू की गुड़ाई के कार्य में जुट गए हैं। गीली जमीन को नरम बनाए रखने और कंदों के समुचित विकास के लिए यह प्रक्रिया बेहद जरूरी मानी जाती है। किसानों का कहना है कि बारिश से पहले सिंचाई के बावजूद फसल की बढ़वार अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब मिट्टी में नमी बढ़ने से पौधों की जड़ें मजबूत हो रही हैं और आलू के आकार में भी सुधार आ रहा है। गुड़ाई से खेतों में खरपतवार भी नष्ट हो रहे हैं, जिससे फसल को पोषक तत्वों का बेहतर लाभ मिल सकेगा। किसानों में राकेश कुमार, अजय कुमार, राम कुमार, रमेश चंद, राज कुमार ने बताया कि इस समय की गई गुड़ाई और देखभाल से आने वाले दिनों में पैदावार पर सकारात्मक असर पड़ेगा। अनुमान है कि मार्च और अप्रैल माह में आलू की पटाई शुरू होगी। इसके साथ ही मंडियों में आलू की आवक बढ़ेगी, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। कुल मिलाकर बारिश ने आलू उत्पादक किसानों के चेहरों पर राहत की मुस्कान ला दी है और अब वे बेहतर फसल की आस में खेतों में मेहनत कर रहे हैं।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि आलू की खेती में किसानों ने बीते दशकों में शानदार आय अर्जित की है। फसल की कीमत कम या अधिक होती रहती है। बारिश के बाद धूप खिली हुई है। ऐसा मौसम गुड़ाई के लिए बेहतरीन है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों को इस बार फसल के अच्छी कीमत मिले।
जिले में इस बार घटी आलू की खेती
ध्यान रहे कि ऊना जिले में इस बार चार माह वाली आलू की खेती बीते वर्ष के मुकाबले कम हुई है। इस फसल को मिल रहे बेहद कम दाम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी है। इसी कारण किसान अब फसल से मुंह मोड़ने लगे हैं। बीते वर्ष 1500 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर आलू की फसल तैयार की गई जबकि इस बार के 1200 हेक्टेयर के आसपास ही फसल तैयार की गई।
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उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि आलू की खेती में किसानों ने बीते दशकों में शानदार आय अर्जित की है। फसल की कीमत कम या अधिक होती रहती है। बारिश के बाद धूप खिली हुई है। ऐसा मौसम गुड़ाई के लिए बेहतरीन है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों को इस बार फसल के अच्छी कीमत मिले।
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जिले में इस बार घटी आलू की खेती
ध्यान रहे कि ऊना जिले में इस बार चार माह वाली आलू की खेती बीते वर्ष के मुकाबले कम हुई है। इस फसल को मिल रहे बेहद कम दाम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी है। इसी कारण किसान अब फसल से मुंह मोड़ने लगे हैं। बीते वर्ष 1500 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर आलू की फसल तैयार की गई जबकि इस बार के 1200 हेक्टेयर के आसपास ही फसल तैयार की गई।
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