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आलू की बिजाई पर मौसम की बेरुखी की मार
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फसल को बीजने से पहले जमीन में होनी चाहिए पर्याप्त नमी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में आलू फसल की बिजाई चल रही है। गेहूं, लहसुन और मटर आदि फसलों को मौसम की बेरुखी की मार झेलनी पड़ रही है। जिले में करीब 500 हेक्टेयर जमीन पर आलू की फसल लगाई जाती है। फसल लगाने से पहले भूमि में नमी होना जरूरी है, लेकिन इस बार दिसंबर में बारिश न होने से जमीन में नमी नहीं है। ऐसे में फसल लगाने की तैयारी कर रहे किसानों को सबसे पहले भूमि की सिंचाई करनी पड़ी। जमीन में बिजाई के मुताबिक नमी होने का इंतजार किया गया और फिर फसल की बिजाई की जा रही है। क्षेत्र के किसान रोहित कुमार ने बताया कि करीब 250 कनाल जमीन पर आलू की फसल लगानी शुरू कर दी है। उनकी अधिकतर जमीन रेतीली है। आलू की फसल लगाने से पहले उन्होंने बारिश का इंतजार किया। जब बारिश न हुई तो सिंचाई करनी पड़ी। इस वजह से उन्हें फसल लगाने में अधिक समय लग गया। साथ ही अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ा। किसान विनोद कुमार ने बताया कि बारिश न होने से गेहूं और आलू की फसल को तैयार करना मुश्किल हो रहा है। पहले गेहूं की फसल को पानी लगाना पड़ा और अब आलू के लिए जमीन की बिजाई की। उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. अतुल डोगरा ने बताया कि बारिश न होने की वजह से कई इलाकों में फसलों पर असर पड़ा है। आलू की बिजाई के लिए भी जमीन में पर्याप्त नमी होना जरूरी है। एक सप्ताह के अंदर बारिश का होना बेहद जरूरी है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में आलू फसल की बिजाई चल रही है। गेहूं, लहसुन और मटर आदि फसलों को मौसम की बेरुखी की मार झेलनी पड़ रही है। जिले में करीब 500 हेक्टेयर जमीन पर आलू की फसल लगाई जाती है। फसल लगाने से पहले भूमि में नमी होना जरूरी है, लेकिन इस बार दिसंबर में बारिश न होने से जमीन में नमी नहीं है। ऐसे में फसल लगाने की तैयारी कर रहे किसानों को सबसे पहले भूमि की सिंचाई करनी पड़ी। जमीन में बिजाई के मुताबिक नमी होने का इंतजार किया गया और फिर फसल की बिजाई की जा रही है। क्षेत्र के किसान रोहित कुमार ने बताया कि करीब 250 कनाल जमीन पर आलू की फसल लगानी शुरू कर दी है। उनकी अधिकतर जमीन रेतीली है। आलू की फसल लगाने से पहले उन्होंने बारिश का इंतजार किया। जब बारिश न हुई तो सिंचाई करनी पड़ी। इस वजह से उन्हें फसल लगाने में अधिक समय लग गया। साथ ही अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ा। किसान विनोद कुमार ने बताया कि बारिश न होने से गेहूं और आलू की फसल को तैयार करना मुश्किल हो रहा है। पहले गेहूं की फसल को पानी लगाना पड़ा और अब आलू के लिए जमीन की बिजाई की। उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. अतुल डोगरा ने बताया कि बारिश न होने की वजह से कई इलाकों में फसलों पर असर पड़ा है। आलू की बिजाई के लिए भी जमीन में पर्याप्त नमी होना जरूरी है। एक सप्ताह के अंदर बारिश का होना बेहद जरूरी है। संवाद