{"_id":"67f6681f56ca29d3f20cc0c3","slug":"fairs-for-12-months-lakhs-of-devotees-but-arrangements-are-neglected-una-news-c-93-1-una1002-150894-2025-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: बारह माह मेले, लाखों श्रद्धालु पर व्यवस्था लावारिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: बारह माह मेले, लाखों श्रद्धालु पर व्यवस्था लावारिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेरा बाबा बड़भाग सिंह में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं भी नबीब नहीं हो पाईं
वाहनों के लिए विकसित नहीं हो पाई स्थायी पार्किंग
न कोई टैक्सी स्टैंड और न बसें रुकने के लिए पक्की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। देश-विदेश से साल भर लाखों श्रद्धालुओं की दस्तक। बारह महीने मेले, बहुमंजिला इमारतें। डेरा बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी की विशेषताओं ने छोटे से पहाड़ी गांव को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विश्व मानचित्र पर स्थापित किया लेकिन यह धार्मिक नगरी सरकारी प्रयासों की उदासीनता का शिकार हुई दिखती हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यहां न तो आज तक दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए कोई स्थायी पार्किंग सुविधा विकसित हो पाई और न कोई टैक्सी स्टैंड अथवा बसें रुकने के लिए पक्की व्यवस्था है। बेशक मैड़ी में धार्मिक स्थल प्रबंधन की तरफ से कई बहुमंजिला इमारतें श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधाएं मुहैया करवाती हैं लेकिन यह भी उतना ही सच है कि इनमें से अधिकांश भवनों में पहले उन श्रद्धालुओं को वरीयता दी जाती है जो परंपरागत रूप से यहां के परिचित हों। ऐसे में गैर परंपरागत श्रद्धालुओं को ज्यादा बड़े मेलों के समय इन स्थलों में जगह मिल पाना कई बार मुश्किल हो जाता है। दूसरी ओर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को वाहन पार्किंग न होने से असुविधा का सामना करना पड़ता है। मैड़ी का होली और रक्षा बंधन का मेला प्रदेश का बहुत बड़ा मेला गिना जाता है। इन मेलों में देशभर के दूरदराज प्रदेशों से भी लाखों लोग आते हैं। वाहन पार्किंग और ठहरने के लिए सुविधा जनक छत सबकी जरूरत रहती है लेकिन प्रदेश सरकार मैड़ी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वैसी सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पाई है, जैसी चिंतपूर्णी जैसे धार्मिक स्थल पर बनाई गई हैं।
क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को आकर्षित करने के लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित किया जाना चाहिए। मैड़ी हिमाचल प्रदेश में धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान रखता है। इस प्रकार के स्थानों को विशेष दर्जा देते हुए सरकार को विशेष सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। -स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान रीना ठाकुर
मैड़ी सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि इसके साथ आर्थिक रूप से भी आसपास लगती पंचायतों के लिए महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उसके लिए बस स्टैंड, पार्किंग, टैक्सी स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं विकसित की जानी चाहिए। -ज्वार ग्राम पंचायत प्रधान संदीप राणा
विज्ञापन
साल भर मैड़ी में मेले जैसा माहौल रहता है। कम भीड़ के समय तो ज्यादा मुश्किल पेश नहीं आती है लेकिन ज्यादा भीड़ होने पर वाहनों को पार्क करने के लिए श्रद्धालुओं को दिक्कत आती है। इसलिए क्षेत्र में पार्किंग और टैक्सी स्टैंड की सुविधा होनी चाहिए। -स्थानीय निवासी अतर चंद पंजू
विज्ञापन
वाहनों के लिए विकसित नहीं हो पाई स्थायी पार्किंग
न कोई टैक्सी स्टैंड और न बसें रुकने के लिए पक्की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। देश-विदेश से साल भर लाखों श्रद्धालुओं की दस्तक। बारह महीने मेले, बहुमंजिला इमारतें। डेरा बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी की विशेषताओं ने छोटे से पहाड़ी गांव को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विश्व मानचित्र पर स्थापित किया लेकिन यह धार्मिक नगरी सरकारी प्रयासों की उदासीनता का शिकार हुई दिखती हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यहां न तो आज तक दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए कोई स्थायी पार्किंग सुविधा विकसित हो पाई और न कोई टैक्सी स्टैंड अथवा बसें रुकने के लिए पक्की व्यवस्था है। बेशक मैड़ी में धार्मिक स्थल प्रबंधन की तरफ से कई बहुमंजिला इमारतें श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधाएं मुहैया करवाती हैं लेकिन यह भी उतना ही सच है कि इनमें से अधिकांश भवनों में पहले उन श्रद्धालुओं को वरीयता दी जाती है जो परंपरागत रूप से यहां के परिचित हों। ऐसे में गैर परंपरागत श्रद्धालुओं को ज्यादा बड़े मेलों के समय इन स्थलों में जगह मिल पाना कई बार मुश्किल हो जाता है। दूसरी ओर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को वाहन पार्किंग न होने से असुविधा का सामना करना पड़ता है। मैड़ी का होली और रक्षा बंधन का मेला प्रदेश का बहुत बड़ा मेला गिना जाता है। इन मेलों में देशभर के दूरदराज प्रदेशों से भी लाखों लोग आते हैं। वाहन पार्किंग और ठहरने के लिए सुविधा जनक छत सबकी जरूरत रहती है लेकिन प्रदेश सरकार मैड़ी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वैसी सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पाई है, जैसी चिंतपूर्णी जैसे धार्मिक स्थल पर बनाई गई हैं।
क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को आकर्षित करने के लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित किया जाना चाहिए। मैड़ी हिमाचल प्रदेश में धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान रखता है। इस प्रकार के स्थानों को विशेष दर्जा देते हुए सरकार को विशेष सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। -स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान रीना ठाकुर
विज्ञापन
मैड़ी सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि इसके साथ आर्थिक रूप से भी आसपास लगती पंचायतों के लिए महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उसके लिए बस स्टैंड, पार्किंग, टैक्सी स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं विकसित की जानी चाहिए। -ज्वार ग्राम पंचायत प्रधान संदीप राणा
विज्ञापन
साल भर मैड़ी में मेले जैसा माहौल रहता है। कम भीड़ के समय तो ज्यादा मुश्किल पेश नहीं आती है लेकिन ज्यादा भीड़ होने पर वाहनों को पार्क करने के लिए श्रद्धालुओं को दिक्कत आती है। इसलिए क्षेत्र में पार्किंग और टैक्सी स्टैंड की सुविधा होनी चाहिए। -स्थानीय निवासी अतर चंद पंजू