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प्रत्येक नागरिक को गरिमामयी जीवन जीने का अधिकार : सुरेश
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आश्रय पुरोधा चड़तगढ़ में मनाया जन चेतना समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। आश्रय पुरोधा चड़तगढ़ में बुधवार को मानवाधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ एवं कल्याण परिसंघ, ऊना के तत्वावधान में विश्व मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में जन चेतना समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक कृष्ण प्रताप ने की। महेश राजपूत पूर्व वायुसेना अधिकारी तथा नरेंद्र निर्मोही ने अध्यक्ष एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद मानवाधिकार ऊना के अध्यक्ष सुरेश ऐरी ने मानवाधिकारों के महत्व पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार, संविधान की ओर से प्रदत्त मौलिक अधिकारों का व्यापक रूप है। प्रत्येक नागरिक को गरिमामयी जीवन जीने का अधिकार है। राज्य और नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग एवं उत्तरदायी रहना चाहिए। संस्था मानवाधिकारों की सजग प्रहरी के रूप में कार्य कर रही है। विशेष बच्चों और बुजुर्गों के लिए निशुल्क सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं तथा विधिक परामर्श भी निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। मानवाधिकारों के हनन संबंधी शिकायतों का समाधान प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। आश्रय पुरोधा चड़तगढ़ में बुधवार को मानवाधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ एवं कल्याण परिसंघ, ऊना के तत्वावधान में विश्व मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में जन चेतना समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक कृष्ण प्रताप ने की। महेश राजपूत पूर्व वायुसेना अधिकारी तथा नरेंद्र निर्मोही ने अध्यक्ष एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद मानवाधिकार ऊना के अध्यक्ष सुरेश ऐरी ने मानवाधिकारों के महत्व पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार, संविधान की ओर से प्रदत्त मौलिक अधिकारों का व्यापक रूप है। प्रत्येक नागरिक को गरिमामयी जीवन जीने का अधिकार है। राज्य और नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग एवं उत्तरदायी रहना चाहिए। संस्था मानवाधिकारों की सजग प्रहरी के रूप में कार्य कर रही है। विशेष बच्चों और बुजुर्गों के लिए निशुल्क सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं तथा विधिक परामर्श भी निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। मानवाधिकारों के हनन संबंधी शिकायतों का समाधान प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।