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Una News: एक साल बाद भी अधर में भूस्खलन पीड़ितों का पुनर्वास
Wed, 24 Jun 2026 12:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:26 AM IST
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थानाकलां (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के घरवासड़ा धार में पिछले वर्ष बरसात में हुए भूस्खलन की त्रासदी झेल चुके परिवार आज भी स्थायी पुनर्वास की राह देख रहे हैं। जुलाई 2025 में हुई इस प्राकृतिक आपदा को लगभग एक वर्ष पूरा होने वाला है लेकिन कई प्रभावित परिवार अब तक अपने पक्के घरों में नहीं लौट पाए हैं। प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा तो की गई, मगर पुनर्वास कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया। ऐसे में पीड़ित परिवार आज भी अस्थायी ठिकानों और किराये के कमरों में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
भूस्खलन की भयावह घटना में घरवासड़ा धार के कुल 13 परिवार प्रभावित हुए थे। लगातार भारी बारिश के चलते पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से कई मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए थे। इतना ही नहीं प्रभावित परिवारों की निजी भूमि भी मलबे और पानी के तेज बहाव में बह गई थी। हादसे के बाद कई परिवारों के सामने सिर छुपाने तक का संकट खड़ा हो गया था। प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए प्रभावित परिवारों को सात-सात लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। शुरुआती दौर में प्रशासन की कार्यशैली तेज दिखाई दी और प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों व विश्राम गृहों में ठहराया गया। समय बीतने के साथ पुनर्वास प्रक्रिया धीमी होती चली गई। पीड़ितों का आरोप है कि अब तक उन्हें सहायता राशि की केवल एक-एक किस्त ही मिल पाई है जबकि बाकी राशि जारी नहीं हुई है। इस कारण कई परिवार मकान निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं कर पाए।
घरवासड़ा प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए सरकार को भूमि उपलब्ध करवानी चाहिए। प्रभावित परिवार लंबे समय से अपने स्थायी पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए ठोस योजना बनाई जानी चाहिए।
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-गुरनाम सिंह, पूर्व पंचायत प्रधान चुरडी
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प्रभावित परिवारों को राहत राशि की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है लेकिन दूसरी किस्त अभी तक जारी नहीं की गई है। सरकार और प्रशासन से आग्रह है कि लंबित किस्त जल्द जारी की जाए ताकि प्रभावित परिवार अपने आवास निर्माण संबंधी कार्यों को आगे बढ़ा सकें।
-चमन लाल बंगा, घरवासड़ा
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सरकार को विस्थापित परिवारों के लिए भूमि उपलब्ध करवानी चाहिए ताकि वे अपने मकान बनाकर स्थायी रूप से बस सकें। पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी लाना समय की मांग है।
- रमेश बंगा, घरवासड़ा
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घरवासड़ा के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, राहत राशि के वितरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
-गौरव शर्मा, घरवासड़ा
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भूस्खलन की भयावह घटना में घरवासड़ा धार के कुल 13 परिवार प्रभावित हुए थे। लगातार भारी बारिश के चलते पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से कई मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए थे। इतना ही नहीं प्रभावित परिवारों की निजी भूमि भी मलबे और पानी के तेज बहाव में बह गई थी। हादसे के बाद कई परिवारों के सामने सिर छुपाने तक का संकट खड़ा हो गया था। प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए प्रभावित परिवारों को सात-सात लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। शुरुआती दौर में प्रशासन की कार्यशैली तेज दिखाई दी और प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों व विश्राम गृहों में ठहराया गया। समय बीतने के साथ पुनर्वास प्रक्रिया धीमी होती चली गई। पीड़ितों का आरोप है कि अब तक उन्हें सहायता राशि की केवल एक-एक किस्त ही मिल पाई है जबकि बाकी राशि जारी नहीं हुई है। इस कारण कई परिवार मकान निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं कर पाए।
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घरवासड़ा प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए सरकार को भूमि उपलब्ध करवानी चाहिए। प्रभावित परिवार लंबे समय से अपने स्थायी पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए ठोस योजना बनाई जानी चाहिए।
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-गुरनाम सिंह, पूर्व पंचायत प्रधान चुरडी
प्रभावित परिवारों को राहत राशि की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है लेकिन दूसरी किस्त अभी तक जारी नहीं की गई है। सरकार और प्रशासन से आग्रह है कि लंबित किस्त जल्द जारी की जाए ताकि प्रभावित परिवार अपने आवास निर्माण संबंधी कार्यों को आगे बढ़ा सकें।
-चमन लाल बंगा, घरवासड़ा
सरकार को विस्थापित परिवारों के लिए भूमि उपलब्ध करवानी चाहिए ताकि वे अपने मकान बनाकर स्थायी रूप से बस सकें। पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी लाना समय की मांग है।
- रमेश बंगा, घरवासड़ा
घरवासड़ा के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, राहत राशि के वितरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
-गौरव शर्मा, घरवासड़ा