{"_id":"686688e0e48f7f1ca50d8c69","slug":"electricity-board-pensioners-raised-their-voice-regarding-pending-arrears-una-news-c-93-1-una1002-158070-2025-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: बिजली बोर्ड के पेंशनरों ने बकाया एरियर को लेकर आवाज की बुलंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: बिजली बोर्ड के पेंशनरों ने बकाया एरियर को लेकर आवाज की बुलंद
विज्ञापन
विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम की ऊना इकाई की रक्कड़ में हुई बैठक
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड फोरम की ऊना इकाई की बैठक वीरवार को रक्कड़ में सेवानिवृत्त इंजीनियर आरपी शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें सर्वसम्मति से विद्युत बोर्ड पेंशनर्स ने एक सुर में अपनी आवाज बुलंद करते हुए हिमाचल सरकार से मांग उठाई कि उनका बकाया एरियर जल्द जारी किया जाए। पिछले लंबे समय से वे एरियर जारी करने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस दिशा में अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाए हैं। बैठक में एक निंदा प्रस्ताव भी डाला गया, जिसमें विद्युत बोर्ड के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अनुदानित टैरिफ न लगाकर पूरा टैरिफ लगाया गया है, जो सही नहीं है। सेवानिवृत्त होने के बाद कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी क्लास बन अथवा द्वितीय श्रेणी में न रहकर एक साधारण पेंशनर हो जाता है। इसलिए उन्हें भी अनुदानित टैरिफ का लाभ दिया जाना चाहिए। उन पर पूरा टैरिफ लगाकर विद्युत बोर्ड उनसे अन्याय कर रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की श्रेणी स्वत: ही छिन जाती है।
भारतीय संविधान में समानता की बात कही गई है। यह टैरिफ सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर उस अवधारणा के विपरीत है। विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम ऊना इकाई के महासचिव शांति स्वरूप शर्मा ने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से सेवानिवृत्त इंजीनियर आरपी शर्मा को फार्म का मुख्य संरक्षक मनोनीत किया गया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड फोरम की ऊना इकाई की बैठक वीरवार को रक्कड़ में सेवानिवृत्त इंजीनियर आरपी शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें सर्वसम्मति से विद्युत बोर्ड पेंशनर्स ने एक सुर में अपनी आवाज बुलंद करते हुए हिमाचल सरकार से मांग उठाई कि उनका बकाया एरियर जल्द जारी किया जाए। पिछले लंबे समय से वे एरियर जारी करने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस दिशा में अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाए हैं। बैठक में एक निंदा प्रस्ताव भी डाला गया, जिसमें विद्युत बोर्ड के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अनुदानित टैरिफ न लगाकर पूरा टैरिफ लगाया गया है, जो सही नहीं है। सेवानिवृत्त होने के बाद कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी क्लास बन अथवा द्वितीय श्रेणी में न रहकर एक साधारण पेंशनर हो जाता है। इसलिए उन्हें भी अनुदानित टैरिफ का लाभ दिया जाना चाहिए। उन पर पूरा टैरिफ लगाकर विद्युत बोर्ड उनसे अन्याय कर रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की श्रेणी स्वत: ही छिन जाती है।
भारतीय संविधान में समानता की बात कही गई है। यह टैरिफ सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर उस अवधारणा के विपरीत है। विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम ऊना इकाई के महासचिव शांति स्वरूप शर्मा ने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से सेवानिवृत्त इंजीनियर आरपी शर्मा को फार्म का मुख्य संरक्षक मनोनीत किया गया।
विज्ञापन