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फंड नहीं है तो लिखित में शिक्षा विभाग को बताए स्कूल प्रबंधन
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ऊना। सरकारी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी लगाने के बाद विद्यालय प्रमुखों को उसका खर्च मांगने के निर्देशों पर शिक्षा विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है।
शिक्षा विभाग ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर में कड़ा संज्ञान लेते हुए जिले के 24 स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि जिन स्कूलों के पास विभाग की ओर से लगवाए गए सीसीटीवी का खर्च रिफंड करवाने के लिए फंड नहीं है, वह स्कूलों विभाग की इसकी लिखित में रिपोर्ट दें।
गौरतलब है कि जिले में 2018-19 में बजट न हो पाने पर शिक्षा विभाग ने राज्य विद्यु विभाग को टेंडर देकर जिला के 24 सरकारी विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी लगवाए थे। बोर्ड ने शर्त रखी थी कि जिन परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी होंगे, उन्हीं केंद्रों में ही बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं करवाई जाएंगी। बजट न होने से शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को बजट उठाया था। अब दोबारा शिक्षा विभाग स्कूलों में लगाए सीसीटीवी का खर्च रिफंड करवाने के निर्देश दिए थे। इन स्कूलों की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। उच्च शिक्षा उपनिदेशक पीसी राणा ने इन स्कूलों को राहत देते हुए निर्देश दिए हैं कि अगर स्कूलों के पास फंड आदि उपलब्ध नहीं है तो वह स्कूल इसकी लिखित रिपोर्ट बनाकर शिक्षा विभाग को दे दें। जिससे आगामी कार्यवाई समय पर की जा सके।
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शिक्षा विभाग ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर में कड़ा संज्ञान लेते हुए जिले के 24 स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि जिन स्कूलों के पास विभाग की ओर से लगवाए गए सीसीटीवी का खर्च रिफंड करवाने के लिए फंड नहीं है, वह स्कूलों विभाग की इसकी लिखित में रिपोर्ट दें।
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गौरतलब है कि जिले में 2018-19 में बजट न हो पाने पर शिक्षा विभाग ने राज्य विद्यु विभाग को टेंडर देकर जिला के 24 सरकारी विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी लगवाए थे। बोर्ड ने शर्त रखी थी कि जिन परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी होंगे, उन्हीं केंद्रों में ही बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं करवाई जाएंगी। बजट न होने से शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को बजट उठाया था। अब दोबारा शिक्षा विभाग स्कूलों में लगाए सीसीटीवी का खर्च रिफंड करवाने के निर्देश दिए थे। इन स्कूलों की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। उच्च शिक्षा उपनिदेशक पीसी राणा ने इन स्कूलों को राहत देते हुए निर्देश दिए हैं कि अगर स्कूलों के पास फंड आदि उपलब्ध नहीं है तो वह स्कूल इसकी लिखित रिपोर्ट बनाकर शिक्षा विभाग को दे दें। जिससे आगामी कार्यवाई समय पर की जा सके।
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