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Una News: एक बार चार्ज में 214 किलोमीटर दौड़ीं ई-बसें, अब लंबे रूटों पर दौड़ाने की तैयारी
Sat, 29 Aug 2026 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:43 AM IST
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ऊना। ई-बसों की संचालन क्षमता को लेकर सामने आए बेहतर परिणामों के बाद अब इन्हें लंबे रूटों पर दौड़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। एक बार चार्ज करने के बाद ई-बसें करीब 214 किलोमीटर तक सफर तय कर रही हैं और इसके बावजूद इनमें 21 प्रतिशत तक बैटरी शेष बच रही है। इससे निगम प्रबंधन को लंबी दूरी के रूटों पर इन बसों के संचालन की उम्मीद जगी है।
ऊना डिपो और हरोली ई-डिपो प्रबंधन ने बसों के प्रदर्शन को देखते हुए ऐसे रूट चिह्नित करने शुरू कर दिए हैं, जहां ई-बसों को अधिक दूरी तक चलाया जा सके। अभी तक इनके संचालन को लेकर मुख्य चुनौती बैटरी की क्षमता और रास्ते में चार्जिंग की उपलब्धता को माना जा रहा था, लेकिन ट्रायल में मिले परिणामों ने इस चिंता को काफी हद तक कम किया है।
ई-बस को चंडीगढ़ तक ट्रायल के तौर पर चलाया जा रहा था। निगम प्रबंधन के अनुसार यह ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा है। ऊना से चंडीगढ़ तक आने-जाने में ई-बस ने करीब 214 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके बाद बस में 21 फीसदी बैटरी बची रही। इस प्रदर्शन से स्पष्ट हुआ कि उचित रूट प्लानिंग और चार्जिंग व्यवस्था के साथ बसों को लंबी दूरी की सेवाओं में शामिल किया जा सकता है। वर्तमान में कुछ ई-बसों को ग्रामीण रूटों पर चलाया जा रहा है लेकिन कई ग्रामीण रूटों पर सड़कें छोटी और संकरी होन के कारण ई-बसों का संचालन मुशिकल हो रहा है। ऐसे में इन ई-बसों को लंबे रूटों पर उतारा जाएगा। ऊना डिपो प्रबंधन के अनुसार, वर्तमान में ई-बसों को बद्दी, नालागढ़, चंडीगढ़ और होशियारपुर तक भेजा रहा है। इस दौरान इनकी बैटरी की क्षमता पर पूरी नजर रखी जा रही है। उपरोक्त सभी रूट प्लेन एरिया में होने के कारण ऊना डिपो में तैनात ई-बसों को इसका फायदा हुआ है। बैटरी की खपत कम हो रही है। डीजल बसों की तुलना में ई-बसों के संचालन से ईंधन पर होने वाला खर्च कम होगा।
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अभी तक ई-बसों की परफोरमेंस काफी बेहतर रही है। हरोली ई-डिपो और ऊना डिपो से बद्दी, चंडीगढ़ और होशियारपुर के लिए चलाई गई ई-बसों में 21 फीसदी तक बैटरी बैकअप बच रहा है।
-राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी ऊना डिपो
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ऊना डिपो और हरोली ई-डिपो प्रबंधन ने बसों के प्रदर्शन को देखते हुए ऐसे रूट चिह्नित करने शुरू कर दिए हैं, जहां ई-बसों को अधिक दूरी तक चलाया जा सके। अभी तक इनके संचालन को लेकर मुख्य चुनौती बैटरी की क्षमता और रास्ते में चार्जिंग की उपलब्धता को माना जा रहा था, लेकिन ट्रायल में मिले परिणामों ने इस चिंता को काफी हद तक कम किया है।
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ई-बस को चंडीगढ़ तक ट्रायल के तौर पर चलाया जा रहा था। निगम प्रबंधन के अनुसार यह ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा है। ऊना से चंडीगढ़ तक आने-जाने में ई-बस ने करीब 214 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके बाद बस में 21 फीसदी बैटरी बची रही। इस प्रदर्शन से स्पष्ट हुआ कि उचित रूट प्लानिंग और चार्जिंग व्यवस्था के साथ बसों को लंबी दूरी की सेवाओं में शामिल किया जा सकता है। वर्तमान में कुछ ई-बसों को ग्रामीण रूटों पर चलाया जा रहा है लेकिन कई ग्रामीण रूटों पर सड़कें छोटी और संकरी होन के कारण ई-बसों का संचालन मुशिकल हो रहा है। ऐसे में इन ई-बसों को लंबे रूटों पर उतारा जाएगा। ऊना डिपो प्रबंधन के अनुसार, वर्तमान में ई-बसों को बद्दी, नालागढ़, चंडीगढ़ और होशियारपुर तक भेजा रहा है। इस दौरान इनकी बैटरी की क्षमता पर पूरी नजर रखी जा रही है। उपरोक्त सभी रूट प्लेन एरिया में होने के कारण ऊना डिपो में तैनात ई-बसों को इसका फायदा हुआ है। बैटरी की खपत कम हो रही है। डीजल बसों की तुलना में ई-बसों के संचालन से ईंधन पर होने वाला खर्च कम होगा।
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अभी तक ई-बसों की परफोरमेंस काफी बेहतर रही है। हरोली ई-डिपो और ऊना डिपो से बद्दी, चंडीगढ़ और होशियारपुर के लिए चलाई गई ई-बसों में 21 फीसदी तक बैटरी बैकअप बच रहा है।
-राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी ऊना डिपो