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जल भराव रोकने को ऊना शहर में 7 मुख्य ड्रेन बनाने का प्रस्ताव: सत्ती
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ऊना। ऊना शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी निदान के लिए ड्रेनेज परियोजना के तहत 7 प्रमुख नालों के चैनलाइजेशन का प्रस्ताव है, जिनके माध्यम से शहर का सारा पानी लालसिंगी खड्ड के साथ ऊना खड्ड में मिलाया जाएगा। यह जानकारी शुक्रवार को छठे वित्तायोग के अध्यक्ष सपताल सत्ती ने दी।
22 करोड़ रुपये से ऊना शहर में जलभराव की समस्या का निदान करने के लिए प्रस्तावित ड्रेनेज परियोजना की कार्यान्वयन समिति की पहली बैठक शुक्रवार डीआरडीए हाल में हुई। बैठक में सत्ती ने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी निदान करने के लिए जल शक्ति विभाग के माध्यम से परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसके लिए ड्रोन से सर्वे किया गया है और पुरानी डीपीआर की कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। सत्ती ने कहा कि सात प्रमुख नालों में कोटला नाला, अरनियाला नाला, सब्जी मंडी नाला, नंगल से पुराना होशियारपुर रोड का नाला, होटल नटराज के साथ का नाला, वार्ड नंबर 10 रामपुर का नाला और चंद्रलोक कॉलोनी नालों को पक्का किया जाएगा और यहां से बारिश के पानी का उचित निपटारा किया जाएगा। कहा कि इस परियोजना के धरातल पर उतरने से ऊना शहर को जल भराव की समस्या से छुटकारा मिलेगा। जल्द ही परियोजना का प्रोजेक्ट प्लान तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद टेंडर किए जाएंगे। कहा कि जुलाई 2022 तक इन सभी नालों के चैनलाइजेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अगली बरसात में शहर के लोगों को जलभराव की समस्या न झेलनी पड़े। बैठक में उपायुक्त राघव शर्मा, एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा, अधीक्षण अभियंता अरविंद सूद, डीएलएसए सचिव विवेक खनाल, नगर परिषद अध्यक्षा पुष्पा देवी और अन्य पार्षदों के साथ-साथ समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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समन्वय के साथ कार्य करें : डीसी
बैठक में उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जन सहयोग भी अपेक्षित है। सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों में इस परियोजना से होने वाले लाभ को लोगों के बीच लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि दो हफ्तों के भीतर परियोजना का खाका तैयार हो जाएगा, लेकिन इससे पहले जल शक्ति विभाग जमीनी सर्वे भी कर ले, ताकि कहीं कोई कमी न रह जाए और लोगों को इस परियोजना का पूरा लाभ मिल सके।
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22 करोड़ रुपये से ऊना शहर में जलभराव की समस्या का निदान करने के लिए प्रस्तावित ड्रेनेज परियोजना की कार्यान्वयन समिति की पहली बैठक शुक्रवार डीआरडीए हाल में हुई। बैठक में सत्ती ने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी निदान करने के लिए जल शक्ति विभाग के माध्यम से परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसके लिए ड्रोन से सर्वे किया गया है और पुरानी डीपीआर की कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। सत्ती ने कहा कि सात प्रमुख नालों में कोटला नाला, अरनियाला नाला, सब्जी मंडी नाला, नंगल से पुराना होशियारपुर रोड का नाला, होटल नटराज के साथ का नाला, वार्ड नंबर 10 रामपुर का नाला और चंद्रलोक कॉलोनी नालों को पक्का किया जाएगा और यहां से बारिश के पानी का उचित निपटारा किया जाएगा। कहा कि इस परियोजना के धरातल पर उतरने से ऊना शहर को जल भराव की समस्या से छुटकारा मिलेगा। जल्द ही परियोजना का प्रोजेक्ट प्लान तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद टेंडर किए जाएंगे। कहा कि जुलाई 2022 तक इन सभी नालों के चैनलाइजेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अगली बरसात में शहर के लोगों को जलभराव की समस्या न झेलनी पड़े। बैठक में उपायुक्त राघव शर्मा, एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा, अधीक्षण अभियंता अरविंद सूद, डीएलएसए सचिव विवेक खनाल, नगर परिषद अध्यक्षा पुष्पा देवी और अन्य पार्षदों के साथ-साथ समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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समन्वय के साथ कार्य करें : डीसी
बैठक में उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जन सहयोग भी अपेक्षित है। सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों में इस परियोजना से होने वाले लाभ को लोगों के बीच लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि दो हफ्तों के भीतर परियोजना का खाका तैयार हो जाएगा, लेकिन इससे पहले जल शक्ति विभाग जमीनी सर्वे भी कर ले, ताकि कहीं कोई कमी न रह जाए और लोगों को इस परियोजना का पूरा लाभ मिल सके।
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