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बैसाखी पर्व पर आज लगेगी आस्था की डुबकी
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पीरनिगाह मंदिर में बैसाखी अवसर पर उमड़ी भक्तों की भीड़। संवाद
- फोटो : Una
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मैहतपुर (ऊना)। कोरोना महामारी के बाद पहली बार है कि बैसाखी पर्व पर हजारों की तादाद में श्रद्धालु धार्मिक स्थल ब्रह्महुती में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचेंगे। दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं का आना बुधवार से ही शुरू हो गया।
बैसाखी पर्व के चलते ब्रह्महुती घाट को सजाया गया है।
बता दें कि पुष्कर (राजस्थान) के बाद ऊना जिला का ब्रह्महुती स्थल ऐसा है, जहां पर ब्रह्मजी का मंदिर स्थापित है। हिमाचल तथा पंजाब राज्य के दूरदराज से लोग आकर सतलुज सरोवर में डुबकी लगाते हैं। यहां महिला तथा पुरुषों के लिए अलग-अलग घाट बनाए गए हैं। बुधवार को भी कई लोगों ने डुबकी लगाई और मंदिर में माथा टेका। मंदिर के मंहत महेश गिरी ने बताया कि वीरवार को बैसाखी पर्व पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रहती है। कोरोना महामारी के चलते लगभग दो वर्षों तक बैसाखी पर्व पर स्थानीय सरोवर में स्नान करने वालों की संख्या कम रही। इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है। कहा कि स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि श्रद्धालु स्नान घाट के निकट रहकर ही करें, ज्यादा आगे जाने से खतरा हो सकता है।
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बैसाखी पर्व के चलते ब्रह्महुती घाट को सजाया गया है।
बता दें कि पुष्कर (राजस्थान) के बाद ऊना जिला का ब्रह्महुती स्थल ऐसा है, जहां पर ब्रह्मजी का मंदिर स्थापित है। हिमाचल तथा पंजाब राज्य के दूरदराज से लोग आकर सतलुज सरोवर में डुबकी लगाते हैं। यहां महिला तथा पुरुषों के लिए अलग-अलग घाट बनाए गए हैं। बुधवार को भी कई लोगों ने डुबकी लगाई और मंदिर में माथा टेका। मंदिर के मंहत महेश गिरी ने बताया कि वीरवार को बैसाखी पर्व पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रहती है। कोरोना महामारी के चलते लगभग दो वर्षों तक बैसाखी पर्व पर स्थानीय सरोवर में स्नान करने वालों की संख्या कम रही। इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है। कहा कि स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि श्रद्धालु स्नान घाट के निकट रहकर ही करें, ज्यादा आगे जाने से खतरा हो सकता है।
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