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ऊना में सवर्ण आयोग के गठन की मांग काे लेकर सड़क पर प्रदर्शन
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ऊना शहर में सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के बैनर तले सामान्य वर्ग के लोग रैली निकालते हुए।
- फोटो : Una
ऊना। सवर्ण आयोग के गठन को लेकर सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के बैनर तले लोग ऊना शहर में सड़क पर उतरे। इस दौरान रैली निकालते हुए लोग डीसी कार्यालय पहुंचे। लोगों ने सवर्ण आयोग के गठन के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। बाद में डीसी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा।
सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के चेयरमैन भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि सवर्ण वर्ग ही देश का सबसे बड़ा मेहनती वर्ग है। इसके सिर पर देश का कारोबार, प्रशासन, सुरक्षा और राजस्व टीका है। उन्होंने कहा कि एक देश, समान शिक्षा समान रोजगार का अवसर दिया जाए। सरकारों ने वोट बैंक के लिए देश की सबसे मजबूत जड़ सवर्ण को ही काटना शुरू किया है। आरक्षण का कैंसर दिन प्रतिदिन विकराल रूप धारण करता जा रहा है। सामाजिक न्याय के नाम पर सरकारी नौकरियों में आरक्षण है। स्थिति यह है कि सरकारी नियुक्तियों से सवर्ण पूरी तरह बाहर हो रहे हैं। सरकारी नौकरियों में सवर्णों को सामान्य वर्ग की 50 प्रतिशत सीटों में भी औसतन मात्र 5 प्रतिशत ही नियुक्तियां मिल पा रही हैं। बाकी सीटों का लाभ आरक्षित वर्ग को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विकास योजनाओं का लाभ भी आरक्षित वर्ग को ही आरक्षित हो गया है। उन्होंने एससी/एसटी कानून के दुरुपयोग के आरोप लगाए। मंच ने मांग की कि राष्ट्रीय अधिकार संपन्न सवर्ण आयोग बनाया जाए। इसको सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के बराबर ताकत हो। यह आयोग सवर्णों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के विभेद पर संज्ञान ले सके। उच्च न्यायालय तक को कार्यवाही के आदेश दे सके। आयोग की इकाइयां राष्ट्र, प्रदेश और जिला स्तर पर हों। आयोग अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए स्वैच्छिक संगठनों का सहयोग ले सके। इस दौरान रमन राणा, दिनेश ठाकुर, रजनीश राणा, अश्वनी ठाकुर, गौरव राणा, एसडी वश्ष्टि, चंदन शर्मा, हिमांशु और अन्य मौजदू रहे।
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सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के चेयरमैन भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि सवर्ण वर्ग ही देश का सबसे बड़ा मेहनती वर्ग है। इसके सिर पर देश का कारोबार, प्रशासन, सुरक्षा और राजस्व टीका है। उन्होंने कहा कि एक देश, समान शिक्षा समान रोजगार का अवसर दिया जाए। सरकारों ने वोट बैंक के लिए देश की सबसे मजबूत जड़ सवर्ण को ही काटना शुरू किया है। आरक्षण का कैंसर दिन प्रतिदिन विकराल रूप धारण करता जा रहा है। सामाजिक न्याय के नाम पर सरकारी नौकरियों में आरक्षण है। स्थिति यह है कि सरकारी नियुक्तियों से सवर्ण पूरी तरह बाहर हो रहे हैं। सरकारी नौकरियों में सवर्णों को सामान्य वर्ग की 50 प्रतिशत सीटों में भी औसतन मात्र 5 प्रतिशत ही नियुक्तियां मिल पा रही हैं। बाकी सीटों का लाभ आरक्षित वर्ग को मिल रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकारी विकास योजनाओं का लाभ भी आरक्षित वर्ग को ही आरक्षित हो गया है। उन्होंने एससी/एसटी कानून के दुरुपयोग के आरोप लगाए। मंच ने मांग की कि राष्ट्रीय अधिकार संपन्न सवर्ण आयोग बनाया जाए। इसको सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के बराबर ताकत हो। यह आयोग सवर्णों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के विभेद पर संज्ञान ले सके। उच्च न्यायालय तक को कार्यवाही के आदेश दे सके। आयोग की इकाइयां राष्ट्र, प्रदेश और जिला स्तर पर हों। आयोग अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए स्वैच्छिक संगठनों का सहयोग ले सके। इस दौरान रमन राणा, दिनेश ठाकुर, रजनीश राणा, अश्वनी ठाकुर, गौरव राणा, एसडी वश्ष्टि, चंदन शर्मा, हिमांशु और अन्य मौजदू रहे।
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