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Una News: मनरेगा से व्यक्तिगत भूमि पर भी बनेंगे डंगे
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केंद्र सरकार का सराहनीय निर्णय, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चकसराय (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत व्यक्तिगत भूमि पर भी डंगे बनाए जा सकेंगे। प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल ही में प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और मिट्टी के कटाव से किसानों की भूमि को काफी नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में खेती योग्य जमीन का बड़ा हिस्सा बह गया था, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा। अब इस नए प्रावधान के तहत ग्रामीण किसान अपनी निजी भूमि पर मनरेगा के माध्यम से डंगे बनवाकर अपनी जमीन की सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित कर सकेंगे। इससे न केवल मिट्टी के कटाव और भूस्खलन की समस्या पर अंकुश लगेगा, बल्कि ग्रामीण रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने बताया कि इस कदम से हजारों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। मनरेगा के तहत पहले केवल सामुदायिक भूमि या पंचायत भूमि पर ही ऐसे निर्माण कार्यों की अनुमति थी, लेकिन अब व्यक्तिगत भूमि को भी शामिल किए जाने से योजना का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। डंगे बनने से खेतों की मिट्टी और पानी दोनों सुरक्षित रहेंगे, जिससे खेती की उत्पादकता में वृद्धि होगी। ग्रामीणों ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चकसराय (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत व्यक्तिगत भूमि पर भी डंगे बनाए जा सकेंगे। प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल ही में प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और मिट्टी के कटाव से किसानों की भूमि को काफी नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में खेती योग्य जमीन का बड़ा हिस्सा बह गया था, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा। अब इस नए प्रावधान के तहत ग्रामीण किसान अपनी निजी भूमि पर मनरेगा के माध्यम से डंगे बनवाकर अपनी जमीन की सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित कर सकेंगे। इससे न केवल मिट्टी के कटाव और भूस्खलन की समस्या पर अंकुश लगेगा, बल्कि ग्रामीण रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने बताया कि इस कदम से हजारों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। मनरेगा के तहत पहले केवल सामुदायिक भूमि या पंचायत भूमि पर ही ऐसे निर्माण कार्यों की अनुमति थी, लेकिन अब व्यक्तिगत भूमि को भी शामिल किए जाने से योजना का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। डंगे बनने से खेतों की मिट्टी और पानी दोनों सुरक्षित रहेंगे, जिससे खेती की उत्पादकता में वृद्धि होगी। ग्रामीणों ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।