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शूर्पणखा की नाक काटने पर रावण ने किया सीताहरण
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ऊना। रामलीला मैदान में रामलीला मंचन के आठवें दिन राम के पंचवटी आश्रम का दृश्य दिखाया मंचित किया। शूर्पणखा सुंदर रूप बना राम के पास पंचवटी आश्रम पहुंची। वह राम और लक्ष्मण को तंग करने लगी। इस पर लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं।
बहन की नाक कटने की खबर सुनकर रावण क्रोधित हुए। उसने अपमान का बदला लेने के लिए सीता का हरण करने की योजना बनाई और मायावी मारीच से मदद ली। मारीच ने सोने के मृग का रूप धारण करके पंचवटी पर विचरने लगा। सीता के मन में मृग पाने की लालसा जगी और स्त्री हठ के चलते पहले राम मृग के पीछे गए। फिर मारीच की मायावी आवाज के वशीभूत होकर माता सीता ने लक्ष्मण को भी कुटिया से दूर जाने पर विवश कर दिया। साधु वेश धारण कर रावण ने सीता का हरण कर लिया।
कार्यक्रम में विधायक सतपाल रायजादा, डेरा दुखभंजन के संस्थापक बाबा चरनजीत चन्नी, ऊना जनहित मोर्चा के सलाहकार मास्टर चमन लाल चौधरी, इकबाल सिंह, गुरबख्श मक्कड़ और किशन कपिला ने शिरकत की। इस अवसर पर रेल बोर्ड की पीएससी कमेटी के सदस्य हरि ओम भनोट और साहित्यकार प्रो. कृष्ण मोहन पांडे विशेष रूप से मौजूद रहे। इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी ऊना के चेयरमैन सोमनाथ स्वर्णकार, अध्यक्ष अविनाश कपिला, महासचिव डॉ. सुभाष शर्मा ने अतिथियों को सिरोपा देकर सम्मानित भी किया।
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इस अवसर पर प्रिंस राजपूत, प्रिंस मक्कड़, पीतांबर जसवाल, प्रदीप चड्डा, रामपाल बेदी, गणेश सांभर, बलविंद्र कुमार गोल्डी, राज कुमार पठानिया, मुनीश सांभर, डॉ. अनुराग शर्मा, राजीव भनोट, राजीव शर्मा, शिव कुमार सांभर, ललित सांभर, गोपाल कृष्ण पालु, आचार्य अश्विनी, विजय पुरी व ईश ग्रोवर सहित अन्य उपस्थित रहे।
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बहन की नाक कटने की खबर सुनकर रावण क्रोधित हुए। उसने अपमान का बदला लेने के लिए सीता का हरण करने की योजना बनाई और मायावी मारीच से मदद ली। मारीच ने सोने के मृग का रूप धारण करके पंचवटी पर विचरने लगा। सीता के मन में मृग पाने की लालसा जगी और स्त्री हठ के चलते पहले राम मृग के पीछे गए। फिर मारीच की मायावी आवाज के वशीभूत होकर माता सीता ने लक्ष्मण को भी कुटिया से दूर जाने पर विवश कर दिया। साधु वेश धारण कर रावण ने सीता का हरण कर लिया।
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कार्यक्रम में विधायक सतपाल रायजादा, डेरा दुखभंजन के संस्थापक बाबा चरनजीत चन्नी, ऊना जनहित मोर्चा के सलाहकार मास्टर चमन लाल चौधरी, इकबाल सिंह, गुरबख्श मक्कड़ और किशन कपिला ने शिरकत की। इस अवसर पर रेल बोर्ड की पीएससी कमेटी के सदस्य हरि ओम भनोट और साहित्यकार प्रो. कृष्ण मोहन पांडे विशेष रूप से मौजूद रहे। इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी ऊना के चेयरमैन सोमनाथ स्वर्णकार, अध्यक्ष अविनाश कपिला, महासचिव डॉ. सुभाष शर्मा ने अतिथियों को सिरोपा देकर सम्मानित भी किया।
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इस अवसर पर प्रिंस राजपूत, प्रिंस मक्कड़, पीतांबर जसवाल, प्रदीप चड्डा, रामपाल बेदी, गणेश सांभर, बलविंद्र कुमार गोल्डी, राज कुमार पठानिया, मुनीश सांभर, डॉ. अनुराग शर्मा, राजीव भनोट, राजीव शर्मा, शिव कुमार सांभर, ललित सांभर, गोपाल कृष्ण पालु, आचार्य अश्विनी, विजय पुरी व ईश ग्रोवर सहित अन्य उपस्थित रहे।