{"_id":"6117fa148ebc3ee0737521be","slug":"crowd-not-visible-in-chintpurni-due-to-corona-restrictions-una-news-sml3804715111","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना बंदिशों से चिंतपूर्णी में नहीं दिख रही भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना बंदिशों से चिंतपूर्णी में नहीं दिख रही भीड़
विज्ञापन
चिंतपूर्णी मां के दरबार दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु।
- फोटो : Una
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरवाईं (ऊना)। माता चिंतपूर्णी के दरबार में श्रावण अष्टमी मेले चल रहे हैं। इन मेलों में अभी तक श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिल रही है। मेले के छठे दिन बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं की भीड़ कम दिखी।
वैसे श्रावण अष्टमी मेलों में लोगों की बहुत भीड़ रहती है। इस बार कोरोना बंदिशों के कारण कम संख्या में ही लोग मंदिर आ रहे हैं। श्रावण अष्टमी मेले को लेकर लगाई बंदिशों से धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु कम आ रहे हैं। मेले के छह दिनों में सिर्फ 50 हजार श्रद्धालुओं ने ही मां के दरबार में हाजिरी भी है। यह साल 2019 के सावन मेले मुकाबले बेहद कम है। सावन मेले में पूरा चिंतपूर्णी क्षेत्र मिनी पंजाब बन जाता था। लंबी लाइनें लगी रहती थीं। इस बार ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है। श्रद्धालुओं की कमी के कारण इन मेलों में दुकानदारों का कामकाज भी मंदा है। मेले में तैनात प्रशासन को व्यवस्था बनाने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी है।
गुरविंद्र सिंह, परविंद्र और सुरेखा ने बताया कि बसों में बैठकर आ रहे श्रद्धालुओं को पंजाब-हिमाचल बॉर्डर पर कोई नहीं पूछ रहा है। श्रद्धालु निजी गाड़ी में बैठकर आ रहे हैं। हिमाचल-पंजाब बॉर्डर पर कोरोना निगेटिव रिपोर्ट और डबल डोज के प्रमाण पत्र चेक करने के बाद ही हिमाचल में एंट्री दी जा रही है। एसडीएम अंब मनेश यादव ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। बिना मास्क किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में एंट्री नहीं दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वैसे श्रावण अष्टमी मेलों में लोगों की बहुत भीड़ रहती है। इस बार कोरोना बंदिशों के कारण कम संख्या में ही लोग मंदिर आ रहे हैं। श्रावण अष्टमी मेले को लेकर लगाई बंदिशों से धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु कम आ रहे हैं। मेले के छह दिनों में सिर्फ 50 हजार श्रद्धालुओं ने ही मां के दरबार में हाजिरी भी है। यह साल 2019 के सावन मेले मुकाबले बेहद कम है। सावन मेले में पूरा चिंतपूर्णी क्षेत्र मिनी पंजाब बन जाता था। लंबी लाइनें लगी रहती थीं। इस बार ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है। श्रद्धालुओं की कमी के कारण इन मेलों में दुकानदारों का कामकाज भी मंदा है। मेले में तैनात प्रशासन को व्यवस्था बनाने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी है।
विज्ञापन
गुरविंद्र सिंह, परविंद्र और सुरेखा ने बताया कि बसों में बैठकर आ रहे श्रद्धालुओं को पंजाब-हिमाचल बॉर्डर पर कोई नहीं पूछ रहा है। श्रद्धालु निजी गाड़ी में बैठकर आ रहे हैं। हिमाचल-पंजाब बॉर्डर पर कोरोना निगेटिव रिपोर्ट और डबल डोज के प्रमाण पत्र चेक करने के बाद ही हिमाचल में एंट्री दी जा रही है। एसडीएम अंब मनेश यादव ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। बिना मास्क किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में एंट्री नहीं दी जा रही है।
विज्ञापन