फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   जीप में ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे 16 यात्री

जीप में ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे 16 यात्री

Mon, 30 Apr 2018 10:55 PM IST
Updated Mon, 30 Apr 2018 10:55 PM IST
विज्ञापन
जीप में ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे 16 यात्री

गोपाल शर्मा

विज्ञापन

अंब (ऊना)।
अंब-नैहरियां मार्ग सोमवार सुबह चीखो पुकार से गूंज उठा। श्रद्धालुओं से ओवरलोड क्वालिस गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी। इसमें ठूंस-ठूंस कर भरे गए 16 यात्री सवार थे। सवारियों के घुटनों पर बड़े-बड़े बैग रखे थे। चालक के साथ एक आदमी के लिए बैठने के लिए बनी सीट पर तीन आदमी बैठे थे। ऐसी स्थिति में चालक किस तरह से गाड़ी में गियर कैसे बदलना है और स्टीयरिंग कैसे मुड़ेगा, समझ से परे है। पहाड़ी रास्तों में ऐसे हालात में दुर्घटना होना कोई हैरानी की बात नहीं।

मैड़ी में गुरदासपुर से माथा टेकने आए श्रद्धालु जब वापिस घर लौट रहे थे, तब नैहरियां मार्ग पर हादसा पेश आया। इस हादसे के पीछे कहीं न कहीं श्रद्धालु और वाहन चालक खुद जिम्मेवार दिखे। क्वालिस गाड़ी जिसमें बड़ी मुश्किल से नौ सवारियां बैठ सकती हैं, उसमें 16 लोगों का सवार होना अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है। ऊना में ओवरलोडिंग आम बात हो गई है। लोगों के होश फाख्ता तो इसी बात से हो गए कि एक क्वालिस गाड़ी में किस तरह से 16 श्रद्धालु सवार थे। सभी घायलों में सिर्फ कार का चालक ही ऐसा शख्स था, जो अपने पैरों पर चल रहा था। चालक ने अपनी जान बचाते हुए जब जीप खाई में गिरी तो उसने बाहर छलांग लगा ली।
विज्ञापन


मैड़ी मेला संभवतया प्रदेश का एकमात्र ऐसा मेला है जिसमें हमेशा से ही प्रतिबंध के बावजूद मालवाहक वाहनों में डबल डेक बनाकर क्षमता से दो से तीन गुना ज्यादा सवारियां ठूंसी जाती हैं। प्रशासन के हाथ हमेशा खड़े रहते हैं कि धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ किस हद तक सख्ती बरती जाए। पुलिस भी महज वाहनों का चालान कर ऐसे वाहनों को आगे जाने से नही रोकती और यह मौत का सिलसिला ऐसे ही चलता रहता है। ऐसे में जानलेवा हादसों पर लगाम कैसे लगेगी, यही सवाल है। बाहरी राज्यों से मालवाहक वाहनों में श्रद्धालु बिना रोक-टोक धार्मिक स्थलों का सफर कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर साल चलता है मौत का खेल
मैड़ी क्षेत्र में यह पहला हादसा नहीं है जिसमें ओवरलोडिंग से किसी श्रद्धालु की मौत हुई हो। इससे पहले भी मेले के दौरान सड़क हादसों में कई श्रद्धालु मौत का ग्रास बन चुके हैं। इन हादसों के बाद भी न तो पंजाबी श्रद्धालु सीख ले रहे हैं और न ही पुलिस प्रशासन कोई सख्त कार्रवाई कर रहा है। इनके हौसले इस तरह बुलंद हैं कि नौ सवारियों की जगह 16 सवारियां ढोई जा रही हैं।


एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुलिस समय-समय पर कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद यदि ओवरलोडिंग होती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed