{"_id":"5b339ba94f1c1bfa6e8ba321","slug":"21530108841-una-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल को लेकर हड़कंप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल को लेकर हड़कंप
Updated Wed, 27 Jun 2018 07:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल को लेकर हड़कंप
मान्यता रद्द होने से पसोपेश में स्टाफ-अभिभावक, दो हजार से ज्यादा बच्चों के भविष्य पर लटकी तलवार
स्कूल कर्मियों की करतूत का भुगतना पड़ा खामियाजा, पेपर लीक मामले में गिरफ्तार चल रहे तीन कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। सीबीएसई की ओर से डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द करने से अभिभावकों और स्कूल स्टाफ में हड़कंप मच गया है। हालांकि इन दिनों स्कूल में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है लेकिन स्कूल को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कार्रवाई से अभिभावक पसोपेश में हैं। अभिभावकों के मन में जहां स्कूल को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है, स्कूल में अध्ययनरत दो हजार से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटकी है।
सीबीएसई ने अनियमितताओं को लेकर देश भर में 95 स्कूलों पर कार्रवाई कर उनकी मान्यता रद की है। इसमें डीएवी सीपीएस का नंबर 12वां है। बताया जा रहा है कि बोर्ड ने मौजूदा सत्र 2018-19 और 2019-20 तक स्कूल की परीक्षा लेने के निर्देश दिए हैं। पेपर लीक प्रकरण से संस्था की खासी अच्छी-खासी फजीहत हो चुकी है। स्कूल के तीन कर्मचारियों के पेपर लीक प्रकरण का स्कूल प्रबंधन को भी खामियाजा भुगतना पड़ा है। अभिभावकों में स्कूल की स्थिति को लेकर उहापोह की स्थिति है। गर्मियों की छुट्टियों के बाद इसका असर स्कूल में देखने को मिल सकता है। स्कूल में अनियमितताओं को लेकर गठित संघर्ष समिति के संयोजक चमन कपूर का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इसके चलते दो हजार से अधिक बच्चों का भविष्य दांव पर है।
स्कूल प्रबंधन कर सकता है अपील : फांडा
स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से धैर्य रखने की अपील की है। स्कूल की एलएमसी के वरिष्ठ सदस्य एवं कानूनी सलाहकार संजीव फांडा का कहना है कि अभिभावक धैर्य रखें। पेपर लीक मामले में स्कूल के तीन कर्मियों की मिलीभगत जरूर सामने आई है लेकिन पेपर न तो स्कूल से लीक हुआ और न ही डीएवीसीपीएस में सीबीएसई ने केंद्र स्थापित किया था। इस काम को कर्मियों ने अपने स्तर पर बाहर अंजाम दिया। स्कूल प्रबंधन के पास अपील का विकल्प है। इसमें कानूनी सहायता भी ली जा सकती है।
विज्ञापन
देश भर में हुई फजीहत
23 मार्च को डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल के पीजीटी राकेश शर्मा, ऑफिस क्लर्क अमित शर्मा तथा चपरासी अशोक कुमार कंप्यूटर साइंस और आईपी के पेपर लेने गये थे। राकेश शर्मा ने बैंक लॉकर से 26 मार्च को होने वाली जमा दो कक्षा की इकॉनोमिक्स के पेपर का एक बंडल चुपके से खिसका लिया था। राकेश शर्मा ने यह बंडल उसके साथ आए अमित शर्मा और अशोक कुमार को थमा दिया जिसे वे डीएवी स्कूल लेकर आ गए। राकेश शर्मा जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर पहुंच गया। राकेश शर्मा को जेएनवी में सेंटर सुपरिंटेंडेंट की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। अमित और अशोक ने अर्थशास्त्र के पेपर के बंडल में एक सुराख कर उसमें से पेपर निकाला और उसकी इमेज व्हाट्सऐप पर राकेश को भेज दी। राकेश शर्मा ने रिश्तेदार को पेपर लीक किया। इसके बाद यह देश भर में वायरल हो गया। इस घटना से ऊना की पूरे देश में फजीहत हुई। गौर हो कि दिल्ली पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के अलावा बैंक कर्मियों को भी लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
मान्यता रद्द होने से पसोपेश में स्टाफ-अभिभावक, दो हजार से ज्यादा बच्चों के भविष्य पर लटकी तलवार
स्कूल कर्मियों की करतूत का भुगतना पड़ा खामियाजा, पेपर लीक मामले में गिरफ्तार चल रहे तीन कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। सीबीएसई की ओर से डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द करने से अभिभावकों और स्कूल स्टाफ में हड़कंप मच गया है। हालांकि इन दिनों स्कूल में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है लेकिन स्कूल को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कार्रवाई से अभिभावक पसोपेश में हैं। अभिभावकों के मन में जहां स्कूल को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है, स्कूल में अध्ययनरत दो हजार से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटकी है।
सीबीएसई ने अनियमितताओं को लेकर देश भर में 95 स्कूलों पर कार्रवाई कर उनकी मान्यता रद की है। इसमें डीएवी सीपीएस का नंबर 12वां है। बताया जा रहा है कि बोर्ड ने मौजूदा सत्र 2018-19 और 2019-20 तक स्कूल की परीक्षा लेने के निर्देश दिए हैं। पेपर लीक प्रकरण से संस्था की खासी अच्छी-खासी फजीहत हो चुकी है। स्कूल के तीन कर्मचारियों के पेपर लीक प्रकरण का स्कूल प्रबंधन को भी खामियाजा भुगतना पड़ा है। अभिभावकों में स्कूल की स्थिति को लेकर उहापोह की स्थिति है। गर्मियों की छुट्टियों के बाद इसका असर स्कूल में देखने को मिल सकता है। स्कूल में अनियमितताओं को लेकर गठित संघर्ष समिति के संयोजक चमन कपूर का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इसके चलते दो हजार से अधिक बच्चों का भविष्य दांव पर है।
विज्ञापन
स्कूल प्रबंधन कर सकता है अपील : फांडा
स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से धैर्य रखने की अपील की है। स्कूल की एलएमसी के वरिष्ठ सदस्य एवं कानूनी सलाहकार संजीव फांडा का कहना है कि अभिभावक धैर्य रखें। पेपर लीक मामले में स्कूल के तीन कर्मियों की मिलीभगत जरूर सामने आई है लेकिन पेपर न तो स्कूल से लीक हुआ और न ही डीएवीसीपीएस में सीबीएसई ने केंद्र स्थापित किया था। इस काम को कर्मियों ने अपने स्तर पर बाहर अंजाम दिया। स्कूल प्रबंधन के पास अपील का विकल्प है। इसमें कानूनी सहायता भी ली जा सकती है।
विज्ञापन
देश भर में हुई फजीहत
23 मार्च को डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल के पीजीटी राकेश शर्मा, ऑफिस क्लर्क अमित शर्मा तथा चपरासी अशोक कुमार कंप्यूटर साइंस और आईपी के पेपर लेने गये थे। राकेश शर्मा ने बैंक लॉकर से 26 मार्च को होने वाली जमा दो कक्षा की इकॉनोमिक्स के पेपर का एक बंडल चुपके से खिसका लिया था। राकेश शर्मा ने यह बंडल उसके साथ आए अमित शर्मा और अशोक कुमार को थमा दिया जिसे वे डीएवी स्कूल लेकर आ गए। राकेश शर्मा जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर पहुंच गया। राकेश शर्मा को जेएनवी में सेंटर सुपरिंटेंडेंट की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। अमित और अशोक ने अर्थशास्त्र के पेपर के बंडल में एक सुराख कर उसमें से पेपर निकाला और उसकी इमेज व्हाट्सऐप पर राकेश को भेज दी। राकेश शर्मा ने रिश्तेदार को पेपर लीक किया। इसके बाद यह देश भर में वायरल हो गया। इस घटना से ऊना की पूरे देश में फजीहत हुई। गौर हो कि दिल्ली पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के अलावा बैंक कर्मियों को भी लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया है।