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चिंतपूर्णी में होमगार्ड पर हाथापाई का आरोप
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भरवाईं (ऊना)। चिंतपूर्णी मंदिर के पुजारी ने कंट्रोल रूम के समीप तैनात होमगार्ड के जवानों पर हाथापाई और गाली-गलौज के आरोप लगाए है। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत मंदिर अधिकारी और थाना प्रभारी को दी है।
मामला सोमवार को श्रावण अष्टमी मेले के दौरान का है। मंदिर के पुजारी विशाल कालिया किसी काम से मुख्य बाजार से जा रहे थे। कंट्रोल रूम के पास गेट को खुलवाने के लिए पुजारी ने आह्वान किया, लेकिन कुछ मिनटों तक तो होमगार्ड के जवानों ने न तो गेट खोला और न ही उनकी बातों की ओर ध्यान दिया। इस दौरान मंदिर ट्रस्टी और गंगोट के प्रधान राकेश समनोल भी वहां पहुंचे। उन्होंने भी होम गार्ड जवानों को गेट खोलने को कहा। इस पर जवान उनके साथ ही उलझ गए। उनको गले से पकड़कर गाली-गलौज पर उतारू हो गए। हालांकि उनके द्वारा मंदिर न्यास द्वारा तैयार किए पुजारी पहचान पत्र को भी दिखाया गया। लेकिन फिर भी उन्हें नहीं जाने दिया। कैमरों में गहमागहमी देख मंदिर अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुजारी को गेट से जाने दिया।
मंदिर अधिकारी जीवन कुमार ने बताया कि मामले में शिकायत आई है, कार्रवाई के लिए होमगार्ड पीसी को इस बारे में दिशा-निर्देश दे दिए हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी जगवीर सिंह ने बताया कि थाने में शिकायत दर्ज होगी तो इस पर कारवाई की जाएगी।
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भीड़ के कारण हो जाता गेट खोलना मुश्किल : दिलदार
होमगार्ड के पीसी इंचार्ज दिलदार सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। मेले में सबसे पहले मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है। भारी भीड़ के बावजूद गेट को खोलना सुरक्षा कर्मियों के लिए ड्यूटी में कोताही बरतने जैसा होता है। सुरक्षा दृष्टि के मद्देनजर हो सकता है कि ड्यूटी पर तैनात जवानों ने गेट न खोला हो।
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मामला सोमवार को श्रावण अष्टमी मेले के दौरान का है। मंदिर के पुजारी विशाल कालिया किसी काम से मुख्य बाजार से जा रहे थे। कंट्रोल रूम के पास गेट को खुलवाने के लिए पुजारी ने आह्वान किया, लेकिन कुछ मिनटों तक तो होमगार्ड के जवानों ने न तो गेट खोला और न ही उनकी बातों की ओर ध्यान दिया। इस दौरान मंदिर ट्रस्टी और गंगोट के प्रधान राकेश समनोल भी वहां पहुंचे। उन्होंने भी होम गार्ड जवानों को गेट खोलने को कहा। इस पर जवान उनके साथ ही उलझ गए। उनको गले से पकड़कर गाली-गलौज पर उतारू हो गए। हालांकि उनके द्वारा मंदिर न्यास द्वारा तैयार किए पुजारी पहचान पत्र को भी दिखाया गया। लेकिन फिर भी उन्हें नहीं जाने दिया। कैमरों में गहमागहमी देख मंदिर अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुजारी को गेट से जाने दिया।
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मंदिर अधिकारी जीवन कुमार ने बताया कि मामले में शिकायत आई है, कार्रवाई के लिए होमगार्ड पीसी को इस बारे में दिशा-निर्देश दे दिए हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी जगवीर सिंह ने बताया कि थाने में शिकायत दर्ज होगी तो इस पर कारवाई की जाएगी।
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भीड़ के कारण हो जाता गेट खोलना मुश्किल : दिलदार
होमगार्ड के पीसी इंचार्ज दिलदार सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। मेले में सबसे पहले मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है। भारी भीड़ के बावजूद गेट को खोलना सुरक्षा कर्मियों के लिए ड्यूटी में कोताही बरतने जैसा होता है। सुरक्षा दृष्टि के मद्देनजर हो सकता है कि ड्यूटी पर तैनात जवानों ने गेट न खोला हो।