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Una News: चेक बाउंस मामले में दोषी को छह महीने साधारण कारावास की सजा
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दोषी को चुकाना होगा 3.57 लाख रुपये मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। न्यायिक दंडाधिकारी ऊना की अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोपी संजीव कुमार निवासी पंचकूला हरियाणा को दोषी ठहराते हुए छह महीने का साधारण कारावास और 3.57 लाख रुपये मुआवजा शिकायतकर्ता को देने का आदेश सुनाया है।
अधिवक्ता आशीष वर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता का मैहतपुर इंडस्ट्रियल एरिया में दवाइयां बनाने का कारोबार है। अगस्त 2015 में शिकायतकर्ता ने आरोपी की कंपनी को कच्चा माल मंगवाने का ऑर्डर दिया हुआ था। साथ ही कच्चे माल की कीमत 1 लाख 78 हजार 500 रुपये आर्डर देते समय ही भुगतान कर दिए। लेकिन, उसने न तो कच्चा माल भेजा और न ही भुगतान किए हुए पैसे लौटाए। बाद में देनदारी के भुगतान की एवज में शिकायतकर्ता को 1.78 लाख का चेक जारी किया। इसे शिकायतकर्ता ने भुगतान के लिए अपने बैंक में लगाया जो पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इसकी जानकारी शिकायतकर्ता ने आरोपी को दी और कोई संतोषजनक उत्तर न मिलने के कारण शिकायतकर्ता ने अपने वकील आशीष वर्मा के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा। इसका कोई जवाब न दिया और मजबूरन शिकायतकर्ता को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत उसके खिलाफ कोर्ट में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी और न्यायालय ने सभी सबूत और गवाहों के बयान का गहनता से अवलोकन करने के बाद आरोपी के खिलाफ अपराध का सिद्ध होना पाया और उपरोक्त सजा सुनाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। न्यायिक दंडाधिकारी ऊना की अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोपी संजीव कुमार निवासी पंचकूला हरियाणा को दोषी ठहराते हुए छह महीने का साधारण कारावास और 3.57 लाख रुपये मुआवजा शिकायतकर्ता को देने का आदेश सुनाया है।
अधिवक्ता आशीष वर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता का मैहतपुर इंडस्ट्रियल एरिया में दवाइयां बनाने का कारोबार है। अगस्त 2015 में शिकायतकर्ता ने आरोपी की कंपनी को कच्चा माल मंगवाने का ऑर्डर दिया हुआ था। साथ ही कच्चे माल की कीमत 1 लाख 78 हजार 500 रुपये आर्डर देते समय ही भुगतान कर दिए। लेकिन, उसने न तो कच्चा माल भेजा और न ही भुगतान किए हुए पैसे लौटाए। बाद में देनदारी के भुगतान की एवज में शिकायतकर्ता को 1.78 लाख का चेक जारी किया। इसे शिकायतकर्ता ने भुगतान के लिए अपने बैंक में लगाया जो पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इसकी जानकारी शिकायतकर्ता ने आरोपी को दी और कोई संतोषजनक उत्तर न मिलने के कारण शिकायतकर्ता ने अपने वकील आशीष वर्मा के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा। इसका कोई जवाब न दिया और मजबूरन शिकायतकर्ता को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत उसके खिलाफ कोर्ट में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी और न्यायालय ने सभी सबूत और गवाहों के बयान का गहनता से अवलोकन करने के बाद आरोपी के खिलाफ अपराध का सिद्ध होना पाया और उपरोक्त सजा सुनाई।
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