{"_id":"6a2428721e1bfe510504b24b","slug":"contractors-were-not-found-for-the-construction-of-krishi-bhawan-now-the-department-will-look-for-the-reason-una-news-c-93-1-una1025-194204-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: कृषि भवन निर्माण को ठेकेदार नहीं मिले, अब कारण तलाशेगा विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: कृषि भवन निर्माण को ठेकेदार नहीं मिले, अब कारण तलाशेगा विभाग
Sun, 07 Jun 2026 07:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 07 Jun 2026 07:31 AM IST
विज्ञापन
ऊना। कृषि विभाग के नए भवन के निर्माण कार्य को लेकर बार-बार टेंडर प्रक्रिया अपनाने के बावजूद ठेकेदारों की रुचि नहीं दिखने पर अब विभाग ने इसके पीछे के कारणों का पता लगाने की कवायद शुरू कर दी है। विभाग ने जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग से ए-क्लास ठेकेदारों की सूची मांगी है। सूची मिलने के बाद संबंधित ठेकेदारों के साथ बैठक कर यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि आखिर कृषि भवन निर्माण कार्य के लिए वे आगे क्यों नहीं आ रहे हैं। विभाग इन ठेकेदारों को बैठक के लिए आमंत्रित करेगा, जहां निर्माण लागत, तकनीकी शर्तों, भुगतान प्रक्रिया और अन्य संभावित कारणों पर चर्चा की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि बैठक के दौरान मिलने वाले सुझावों और फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि टेंडर शर्तों या अन्य किसी प्रक्रिया में व्यावहारिक दिक्कत सामने आती है तो उसमें आवश्यक संशोधन भी किया जा सकता है ताकि भवन निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
बता दें कृषि विभाग के उपनिदेशक कार्यालय का भवन 10 महीने बीत जाने के बाद भी नहीं बन पाया है। विभाग ने 5.96 करोड़ रुपये के भवन के लिए जनवरी से मई तक चार बार टेंडर निकाले, शर्तें बदली गईं, नियमों में ढील दी गई, मगर इस सरकारी काम के नाम पर ठेकेदारों ने दूरी ही बनाए रखी।
विज्ञापन
कृषि विभाग ने अपने नए भवन के निर्माण को लेकर पहली बार इसी वर्ष 15 जनवरी को टेंडर किया। इसके बाद 17 फरवरी को दूसरी बार, 25 फरवरी के तीसरी बार और सात मई को चौथी बार टेंडर किया गया। 17 फरवरी के दिन टेंडर लेने के लिए एक भी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया, 15 जनवरी, 25 फरवरी और किए गए टेंडर के लिए दो ही ठेकेदारों ने आवेदन किया जबकि टेंडर आवंटन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अलग-अलग कंपनियों के दो से अधिक आवेदन की जरूरत होती है।
टेंडर प्रक्रिया में दो से अधिक ठेकेदार नहीं आए थे। ठेकेदार क्यों नहीं आ रहे हैं, इसके कारणों का पता करने के लिए जिला के ए क्लास ठेकेदारों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।
-अमित कुमार, डिविजन इंजीनियर भू सरंक्षण विभाग
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि बैठक के दौरान मिलने वाले सुझावों और फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि टेंडर शर्तों या अन्य किसी प्रक्रिया में व्यावहारिक दिक्कत सामने आती है तो उसमें आवश्यक संशोधन भी किया जा सकता है ताकि भवन निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
विज्ञापन
बता दें कृषि विभाग के उपनिदेशक कार्यालय का भवन 10 महीने बीत जाने के बाद भी नहीं बन पाया है। विभाग ने 5.96 करोड़ रुपये के भवन के लिए जनवरी से मई तक चार बार टेंडर निकाले, शर्तें बदली गईं, नियमों में ढील दी गई, मगर इस सरकारी काम के नाम पर ठेकेदारों ने दूरी ही बनाए रखी।
विज्ञापन
कृषि विभाग ने अपने नए भवन के निर्माण को लेकर पहली बार इसी वर्ष 15 जनवरी को टेंडर किया। इसके बाद 17 फरवरी को दूसरी बार, 25 फरवरी के तीसरी बार और सात मई को चौथी बार टेंडर किया गया। 17 फरवरी के दिन टेंडर लेने के लिए एक भी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया, 15 जनवरी, 25 फरवरी और किए गए टेंडर के लिए दो ही ठेकेदारों ने आवेदन किया जबकि टेंडर आवंटन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अलग-अलग कंपनियों के दो से अधिक आवेदन की जरूरत होती है।
टेंडर प्रक्रिया में दो से अधिक ठेकेदार नहीं आए थे। ठेकेदार क्यों नहीं आ रहे हैं, इसके कारणों का पता करने के लिए जिला के ए क्लास ठेकेदारों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।
-अमित कुमार, डिविजन इंजीनियर भू सरंक्षण विभाग