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जीएसटी के विरोध में उतरे ठेकेदार
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ऊना। जीएसटी बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध में जिले के ठेकेदार लामबंद हो गए हैं। ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जीएसटी कम करने सहित अन्य मांगों को पूरा नहीं किया तो विकास कार्य बंद कर दिए जाएंगे। ठेकेदार उग्र प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ऊना ने सोमवार को एमसी पार्क ऊना में बैठक कर आगामी रणनीति बनाई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान राजीव कुमार मनन ने कहा कि क्षेत्र के विकास में सरकार और प्रशासन के साथ ठेकेदारों का भी अहम योगदान होता है।
सरकार व विभाग ठेकेदारों को दरकिनार कर रहे हैं। कहा कि सरकार पहली जनवरी से जीएसटी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर रही है, जोकि उचित नहीं है। जीएसटी को कम कर पांच प्रतिशत किया जाए। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की बिल बनने के समय पहले की तरह रॉयल्टी काटी जाए। एम फार्म लेना बंद किए जाएं। अगर ठेकेदार की मृत्यु होती है तो ठेकेदार को कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है।
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उन्होंने मांग की है कि सरकार ठेकेदारों का भी बीमा कराकर लाभ दिलाना सुनिश्चित करे। इस मौके पर राजेश पराशर, ओपी धीमान, तिलक राज, संत कुमार, संजीव कुमार दत्ता, प्रेम पाल सिंह, तरसेम कुमार, अभिषेक खजांची, विजय सिंह, वरुण मैहन, एमएस सिंह, ओम प्रकाश, विशाल, राज कुमार, महेश आंगरा, प्रिंस मक्कर, मोहित बेदी, प्रफुल्ल बेदी, विकास पुरी, नरेंद्र कुमार, राजेश कुमार, भूपिंद्र कुमार, सुधीर कुमार, अमन कुमार, बलविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
बॉक्स
एक-एक साल तक नहीं होता भुगतान
कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार विभाग ठेकेदारों से काम तो करवा लेते हैं, लेकिन एक-एक साल तक उन्हें पेमेंट नहीं दी जाती है। यहीं नहीं ठेकेदारों के एस्टीमेट व अन्य दस्तावेज भी समय पर विभागीय अधिकारी पूरे नहीं करते है। कहा कि ठेकेदारों के बिल बनने के 15 दिन के भीतर पेमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ऊना ने सोमवार को एमसी पार्क ऊना में बैठक कर आगामी रणनीति बनाई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान राजीव कुमार मनन ने कहा कि क्षेत्र के विकास में सरकार और प्रशासन के साथ ठेकेदारों का भी अहम योगदान होता है।
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सरकार व विभाग ठेकेदारों को दरकिनार कर रहे हैं। कहा कि सरकार पहली जनवरी से जीएसटी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर रही है, जोकि उचित नहीं है। जीएसटी को कम कर पांच प्रतिशत किया जाए। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की बिल बनने के समय पहले की तरह रॉयल्टी काटी जाए। एम फार्म लेना बंद किए जाएं। अगर ठेकेदार की मृत्यु होती है तो ठेकेदार को कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है।
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उन्होंने मांग की है कि सरकार ठेकेदारों का भी बीमा कराकर लाभ दिलाना सुनिश्चित करे। इस मौके पर राजेश पराशर, ओपी धीमान, तिलक राज, संत कुमार, संजीव कुमार दत्ता, प्रेम पाल सिंह, तरसेम कुमार, अभिषेक खजांची, विजय सिंह, वरुण मैहन, एमएस सिंह, ओम प्रकाश, विशाल, राज कुमार, महेश आंगरा, प्रिंस मक्कर, मोहित बेदी, प्रफुल्ल बेदी, विकास पुरी, नरेंद्र कुमार, राजेश कुमार, भूपिंद्र कुमार, सुधीर कुमार, अमन कुमार, बलविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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एक-एक साल तक नहीं होता भुगतान
कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार विभाग ठेकेदारों से काम तो करवा लेते हैं, लेकिन एक-एक साल तक उन्हें पेमेंट नहीं दी जाती है। यहीं नहीं ठेकेदारों के एस्टीमेट व अन्य दस्तावेज भी समय पर विभागीय अधिकारी पूरे नहीं करते है। कहा कि ठेकेदारों के बिल बनने के 15 दिन के भीतर पेमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।